विजयादशमी पर इंदौर में शस्त्र-पूजन करेंगे मोहन यादव, प्रदेशभर में आयोजन की तैयारी
मंत्रियों को सौंपी गई जिलों की जिम्मेदारी, कलेक्टर और एसपी संभालेंगे व्यवस्थाएं

मध्यप्रदेश में विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को प्रदेशभर में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में शस्त्र-पूजन करेंगे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर और वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल बैतूल में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन ने विभिन्न जिलों में कार्यक्रमों के लिए मंत्रियों को मुख्य अतिथि के रूप में नामांकित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शस्त्र-पूजन भारतीय सेना के पराक्रम, सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक है। विजयादशमी का पर्व सत्य की असत्य पर विजय और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने के संकल्प को दर्शाता है।
शक्ति के सदुपयोग और राष्ट्र सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री के अनुसार, भारतीय सनातन परंपरा में शस्त्र-पूजन का महत्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह शक्ति के विवेकपूर्ण उपयोग, निर्बलों की रक्षा, धर्म एवं न्याय की स्थापना और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देता है।
शस्त्र-पूजन की परंपरा भारतीय सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों के साहस, अनुशासन तथा राष्ट्ररक्षा के संकल्प से भी जुड़ी है। इसके माध्यम से देश की संप्रभुता, स्वाभिमान और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। राज्य शासन ने नागरिकों से भी विजयादशमी पर अपने घरों में परंपरानुसार शस्त्र-पूजन करने की अपील की है।
इन जिलों में होंगे शस्त्र-पूजन कार्यक्रम
राज्य शासन की जिलेवार सूची के अनुसार, इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मंदसौर में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि होंगे।
इसके अलावा खंडवा में कुंवर विजय शाह, धार में कैलाश विजयवर्गीय, नरसिंहपुर में प्रहलाद सिंह पटेल, जबलपुर में राकेश सिंह, देवास में तुलसीराम सिलावट, भोपाल में विश्वास कैलाश सारंग और सागर में गोविंद सिंह राजपूत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य जिलों में भी मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को मुख्य अतिथि बनाया गया है। बैतूल में वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक संभालेंगे व्यवस्थाएं
राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार, जिन जिलों में मंत्री कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे, वहां संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शस्त्र-पूजन करेंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सुनिश्चित करेंगे।



