अवैध शराब कारोबारियों पर जिला बदर और एनएसए की तैयारी
संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इंदौर संभाग में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ जिला बदर और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने अवैध शराब के भंडारण के मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर दोषसिद्धि सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने को कहा।
दुकानों के समय की होगी निगरानी
बैठक में इंदौर शहर में कुछ शराब दुकानों के निर्धारित समय के बाद भी खुले रहने की जानकारी पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताते हुए आबकारी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय मदिरा दुकानें निर्धारित समय पर ही खुलें और बंद हों। ढाबों, हाईवे, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में भी नियमित जांच अभियान चलाया जाए, ताकि अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री पर रोक लग सके।
गांजे की खेती पर तय होगी जिम्मेदारी
संभागायुक्त ने जिन स्थानों पर गांजे की खेती पकड़ी गई है, वहां स्थानीय प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी तय करने को कहा। उन्होंने अवैध शराब के स्रोत, भंडारण और वितरण नेटवर्क की जानकारी जुटाने के साथ कारोबार में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की पहचान करने के निर्देश भी दिए। पुलिस और आबकारी विभाग को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने को कहा गया।
जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
लाक्षाकार ने कहा कि अवैध और मिलावटी शराब का कारोबार जनस्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। इसके सेवन से जनहानि की आशंका रहती है। उन्होंने शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, विभागीय सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। कार्रवाई में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत भी दी गई।
एक वित्तीय वर्ष में 32 हजार से अधिक प्रकरण
बैठक में उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद ने बताया कि विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के तहत धारा 34(1) में 27,147 और धारा 34(2) में 5,043 प्रकरण दर्ज किए हैं। इस तरह दोनों धाराओं में कुल 32,190 मामले दर्ज किए गए हैं।
हिंगोट युद्ध की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा
बैठक में दीप पर्व पर गौतमपुरा में आयोजित होने वाले पारंपरिक हिंगोट युद्ध के दौरान अग्निसुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।



