उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा की पहल, 2 साल के मनवीत को मिली पुलिस में नियुक्ति
पिता के निधन के बाद परिवार को मिला संबल

मध्य प्रदेश पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए सेवा के दौरान जान गंवाने वाले आरक्षक रणजीत सिंह डोडिया के दो वर्षीय बेटे मनवीत को अनुकंपा नियुक्ति दी है। नन्हे मनवीत को ‘बाल आरक्षक’ के पद पर नियुक्त किया गया है। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा की पहल से जुड़ा यह मामला पुलिस विभाग की अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
पिता की मृत्यु के बाद परिवार को सहारा
आरक्षक रणजीत सिंह डोडिया ने पुलिस सेवा के दौरान अपनी जान गंवा दी थी। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐसे समय में परिवार के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य सेवा के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारी के आश्रितों को निर्धारित नियमों के तहत सहायता प्रदान करना है, ताकि परिवार को कठिन परिस्थितियों में सहारा मिल सके।
दो साल की उम्र में मिली नई पहचान
मनवीत की उम्र महज दो वर्ष है। इतनी कम उम्र में पिता को खोने वाले बच्चे के नाम से पुलिस विभाग में नियुक्ति की यह पहल विशेष ध्यान आकर्षित करती है। बाल आरक्षक के रूप में नियुक्ति दिए जाने का निर्णय दिवंगत आरक्षक के परिवार के प्रति विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा की पहल
इस मामले में उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा की पहल प्रमुखता से सामने आई है। पुलिस सेवा के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को संबल देना विभागीय जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। ऐसे मामलों में अनुकंपा नियुक्ति परिवार को भविष्य के प्रति भरोसा देने का माध्यम बनती है।
मनवीत की नियुक्ति से दिवंगत आरक्षक रणजीत सिंह डोडिया के परिवार को सहारा मिलने की उम्मीद है। यह पहल पुलिसकर्मियों के योगदान और उनके परिवारों के प्रति संस्थागत जिम्मेदारी की अहमियत भी सामने लाती है।



