मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले : 23,300 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर
वन संरक्षण से सिंचाई तक बड़े बजट का प्रावधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में विकास, कृषि, पर्यावरण और शहरी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने 23,300 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति दी। बैठक के बाद मंत्री चेतन कश्यप ने अन्य महत्वपूर्ण फैसलों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की।
वन और वन्यजीव संरक्षण पर 17,240 करोड़
वन विभाग की नौ योजनाओं के संचालन के लिए 17,240 करोड़ 55 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह राशि 2026 से 2031 तक खर्च होगी। इसमें क्षतिपूर्ति वनीकरण, राष्ट्रीय उद्यानों, वन प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण के कार्य शामिल हैं। उज्जैन और जबलपुर में नए जू एवं रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
छह जिलों की सिंचाई परियोजनाओं को राशि
पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,103 करोड़ 73 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना और उज्जैन की शिप्रा नदी में वर्षभर जल प्रवाह बनाए रखने से जुड़ी सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना भी शामिल है।
शहरी विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र को मंजूरी
मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को 2029 तक बढ़ाते हुए 700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में उद्योग निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 610 करोड़ 51 लाख रुपये और लोकायुक्त संगठन के संचालन के लिए 573 करोड़ 85 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। जबलपुर के राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में सहायक अनुसंधान अधिकारी का एक पद भी स्वीकृत किया गया है।
15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित होंगे
प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते आबादी के दबाव को कम करना और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
नीलगाय और हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय और हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। मंत्री के अनुसार, अफ्रीकी विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेकर बोमा तकनीक के माध्यम से करीब 2 हजार वन्यजीवों को शिफ्ट किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को फसल नुकसान से राहत देने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए अहम फैसले
धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर 2026 कर दी गई है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों की संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री की जा रही है। अब तक करीब 15 लाख रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इससे लगभग 60 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। शत-प्रतिशत रजिस्ट्री वाले गांवों में मंत्रियों को पहुंचकर उत्सव मनाने के निर्देश दिए गए हैं। दिसंबर में बड़े स्तर पर रजिस्ट्री दस्तावेजों का वितरण भी किया जाएगा।
बिरसा मुंडा जयंती पर तीन बड़े आयोजन
जननायक बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को प्रदेश में तीन स्थानों पर बड़े कार्यक्रमों के साथ मनाई जाएगी। तैयारियों को लेकर 5 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक होगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील भी की है।
18 नवंबर को गांधी सागर में अगली बैठक
सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को मंदसौर जिले के गांधी सागर में डेस्टिनेशन कैबिनेट के रूप में आयोजित होगी। इसमें किसान कल्याण वर्ष और उद्योग वर्ष के तहत कृषि एवं औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा होगी।



