सीढ़ियों पर बैठकर मंत्री सिलावट ने सुनीं लोगों की शिकायतें, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
खुडैल तहसील कार्यालय के औचक निरीक्षण में स्वामित्व योजना की धीमी प्रगति पर जताई चिंता

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सोमवार को खुडैल तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं और राजस्व कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। निरीक्षण के बीच मंत्री कार्यालय के मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर बैठ गए और वहां पहुंचे आम नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और प्रत्येक मामले का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वामित्व योजना की रजिस्ट्रियों में तेजी लाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा प्रमुख रूप से की गई। मंत्री को बताया गया कि खुडैल तहसील में करीब 9 हजार हितग्राहियों को योजना के तहत रजिस्ट्रियां सौंपी जानी हैं। इनमें से अब तक 2,700 रजिस्ट्रियां तैयार की जा चुकी हैं। सिलावट ने शेष रजिस्ट्रियों को प्राथमिकता से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार अभिलेख यानी प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध कराने में देरी नहीं होनी चाहिए।
राजस्व मामलों के निपटारे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मंत्री ने नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का निर्धारित अवधि में निपटारा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक आवेदन और शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए तथा संबंधित व्यक्ति को उसके प्रकरण की स्थिति से भी अवगत कराया जाए।
नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहने की हिदायत
सीढ़ियों पर बैठकर लोगों की शिकायतें सुनने के दौरान सिलावट ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में आने वाले नागरिकों की बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उपस्थिति और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यालयीन कार्यप्रणाली और अनुशासन का जायजा लिया। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कामों में उदासीनता और अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।



