बारिश के बाद सूख जाता है तिल्लौरखुर्द का तालाब, अब नर्मदा जल से भरने की तैयारी
किसानों को सिंचाई की उम्मीद

इंदौर। बारिश के बाद महज दो से तीन महीने में सूख जाने वाले तिल्लौरखुर्द के प्राचीन तालाब को नर्मदा जल से भरने की तैयारी है। इससे गांव के किसानों को सिंचाई और ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने तालाब तक पानी पहुंचाने की संभावनाओं का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
गर्मी में गहराता है जल संकट
तिल्लौरखुर्द ग्राम पंचायत की आबादी करीब आठ हजार है। यहां जल संसाधन विभाग के लगभग 24 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित प्राचीन तालाब बारिश में पूरी तरह भर जाता है, लेकिन दो से तीन महीने में ही इसका पानी खत्म हो जाता है। इससे किसानों को सिंचाई और ग्रामीणों को पानी की जरूरतें पूरी करने में परेशानी होती है। किसान तालाब के पानी से सिंचाई करने के लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करते हैं।
काचरोट से पानी लाने की संभावना
राऊ विधायक मधु वर्मा ने शनिवार को मंत्री तुलसीराम सिलावट से मुलाकात कर तालाब को नर्मदा जल से भरने के संबंध में पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में नर्मदा पाइपलाइन से सालभर पानी मिलने के कारण जल स्रोतों में पर्याप्त पानी बना रहता है, जबकि तिल्लौरखुर्द में ऐसी सुविधा नहीं है।
मंत्री ने समीपस्थ काचरोट गांव में उपलब्ध नर्मदा पाइपलाइन से तालाब तक पानी पहुंचाने की संभावनाएं तलाशने की बात कही है। इसके लिए सर्वेक्षण कराने और योजना की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से भी करेंगे आग्रह
इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण इंदौर जिले में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है। विधायक मधु वर्मा, एमआईसी सदस्यों और प्रतिनिधिमंडल की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी तिल्लौरखुर्द के तालाब के लिए नर्मदा जल उपलब्ध कराने का आग्रह किया जाएगा।



