सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में तेजी, उज्जैन में बनेंगी टेंट सिटी; व्यापारियों के पुनर्वास का प्लान
हर महीने होगी तैयारियों की समीक्षा

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने विकास कार्यों की निगरानी और व्यवस्थाओं को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। सोमवार, 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी और होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने के साथ सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
हर महीने होगी सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों और विकास कार्यों की अब हर महीने समीक्षा की जाएगी, ताकि काम समय पर पूरे हो सकें। बैठक में स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ तैयारियों की प्रगति पर चर्चा की गई।
व्यापारियों के पुनर्वास की बनेगी कार्ययोजना
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के हितों का ध्यान रखते हुए वैकल्पिक बाजारों का व्यवस्थित विकास करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बर्तन बाजार और सोना-चांदी के व्यापारियों के पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ से संबंधित लंबित स्वीकृतियां नवंबर में प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
टेंट सिटी और ठहरने की व्यवस्थाओं पर जोर
श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सांदीपनि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास की योजना बनाने को कहा गया। इसके अलावा घट्टिया, तराना और आसपास के क्षेत्रों में टेंट सिटी तथा होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए गए। किसानों और सामाजिक संस्थाओं को भी टेंट सिटी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई, ताकि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को पर्याप्त आवासीय सुविधाएं मिल सकें।
सिंहस्थ कार्यालयों में इसी सप्ताह होगी पदस्थापना
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में आवश्यक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना इसी सप्ताह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तैयारियों से जुड़े विभागों के बीच समन्वय और समयबद्ध कार्यों पर भी जोर दिया गया।



