सीधी में 40 हजार की रिश्वत लेते जनजातीय विभाग का कर्मचारी पकड़ा, लोकायुक्त ने दी दबिश
नौकरी पर बहाली और बकाया वेतन के भुगतान के नाम पर मांगी थी रकम

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में जनजाति कार्य विभाग के कर्मचारी संजय सिंह को 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा है। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे 15 सदस्यीय टीम ने विभागीय कार्यालय में कार्रवाई की। मामला नौकरी पर दोबारा रखने और पुराने वेतन के भुगतान के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगने से जुड़ा है।
50 हजार रुपये मांगे जाने की शिकायत
शिकायतकर्ता अशोक योगी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उन्हें दोबारा नौकरी पर रखने और पुराने वेतन का भुगतान कराने के बदले 50 हजार रुपये मांगे गए हैं। शिकायत के मुताबिक, वह पहले ही 10 हजार रुपये दे चुके थे। बाकी 40 हजार रुपये लेते समय लोकायुक्त टीम ने कर्मचारी संजय सिंह को पकड़ लिया।
तीन साल से काम नहीं कर रहे थे शिकायतकर्ता
जानकारी के अनुसार, अशोक योगी पहले रसोइया के पद पर कार्यरत थे, लेकिन पिछले तीन साल से काम नहीं कर रहे थे। इसी बीच नौकरी पर दोबारा रखने और बकाया वेतन के भुगतान को लेकर रिश्वत मांगे जाने का आरोप सामने आया।
अधीक्षिका की भूमिका भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त निरीक्षक नरेश बेहेरा के अनुसार, मामले में अधीक्षिका सुनीता पांडे की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।



