शिवराज ने उठाई आदिवासियों की आवाज, सीएम मोहन के निर्देश पर रात में पहुंचा प्रशासन
बैठक के बाद राहत की पहल, प्रभावित परिवारों से मिले कलेक्टर

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल के बाद प्रशासन ने कदम बढ़ाए हैं। गुरुवार, 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर के. बालागुरु रात में कोनझीर पहुंचे और प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। परिवारों को बस से वापस उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
शिवराज ने उठाया प्रभावित परिवारों का मुद्दा
कोसमी में मकान तोड़े जाने की घटना के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों की परेशानी सामने रखी थी। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवारों को राहत देने की मांग की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया।
सीएम मोहन ने दिए संवेदनशीलता से कार्रवाई के निर्देश
गुरुवार को हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को मामले का समाधान निकालने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी आदिवासी परिवार को परेशान नहीं किया जाए और लोगों के निवास से जुड़े मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए।
रात में परिवारों के बीच पहुंचे कलेक्टर
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर के. बालागुरु रात में कोनझीर पहुंचे और प्रभावित परिवारों की स्थिति जानी। परिवारों को बस से वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। प्रशासन की इस पहल से प्रभावित परिवारों की तत्काल परेशानी कम करने की दिशा में कदम बढ़ा है।
संवाद से समाधान की पहल
इस घटनाक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्या सरकार के सामने रखी, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रशासन को निर्देश दिए। दोनों नेताओं की पहल के बाद अब प्रभावित परिवारों को राहत और उनके आवास की समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद है। आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और परिवारों के पुनर्वास से जुड़े निर्णय अहम होंगे।



