इंदौर में RSS का ‘चरैवेति एकत्रीकरण’, समाज परिवर्तन के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान
पांच जिलों के स्वयंसेवक जुटे, सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने सामाजिक सहभागिता और पंच परिवर्तन पर दिया जोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इंदौर विभाग का ‘चरैवेति एकत्रीकरण’ बुधवार, 28 अक्टूबर को इंदौर के डेली कॉलेज मैदान पर आयोजित किया गया। इसमें विभाग के पांच जिलों से आए स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान केवल संगठन के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सज्जन शक्ति को साथ लेकर चलने से संभव है। उनके मुताबिक, समाज परिवर्तन का कार्य कठिन और परिश्रमसाध्य है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
सौ वर्षों की यात्रा में स्वयंसेवकों की भूमिका
सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा को स्वयंसेवकों के परिश्रम और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने शाखा पद्धति को व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले स्वयंसेवकों की पीढ़ियां तैयार हुईं। सेवा, जागरण, संपर्क और प्रचार जैसे क्षेत्रों में विकसित गतिविधियों ने समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाई। उन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्वयंसेवकों के निर्माण को संघ की निरंतर चलने वाली कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण पक्ष बताया।
पंच परिवर्तन के जरिए आचरण में बदलाव का संदेश
सह सरकार्यवाह ने स्पष्ट किया कि संघ के व्यापक विस्तार के बावजूद स्वयंसेवकों को संतुष्ट होकर नहीं रुकना चाहिए। समाज में बदलाव के लिए विचारों के साथ व्यवहार में परिवर्तन भी जरूरी है, ताकि किसी वर्ग के साथ विषमता का व्यवहार न हो। इसी संदर्भ में उन्होंने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ संकल्प का उल्लेख किया। साथ ही स्पष्ट किया कि संघ की शाखा में आने के लिए शैक्षणिक, आर्थिक या सामाजिक स्थिति से जुड़ी कोई बाध्यता नहीं है।
शासन के साथ समाज की भागीदारी जरूरी
देश और समाज की चुनौतियों से निपटने के लिए सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने शासन के प्रयासों के साथ सामाजिक सहभागिता को भी जरूरी बताया। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय संस्थाओं के बीच संवाद तथा समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। स्वयंसेवकों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि उपेक्षा, विरोध, उत्साह या सहयोग जैसी विभिन्न परिस्थितियों में भी अपने दायित्व के प्रति प्रतिबद्ध रहकर काम जारी रखना चाहिए।
मीडिया में संघ के विरोध के संदर्भ में उन्होंने प्रामाणिकता, अनुशासन और समर्पण को संगठन की पहचान के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार, विरोध के बावजूद जमीनी स्तर पर संघ के कार्य पर इसका नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
ध्वजारोहण और योग प्रदर्शन से शुरुआत
कार्यक्रम का आरंभ ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक योग प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग के कार्यवाह रत्नेश रघुवंशी ने शताब्दी वर्ष के दौरान विभाग में आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मालवा प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, विभाग संघचालक डॉ. मुकेश मोढ़ और उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चंदा और राष्ट्रीय पदाधिकारी कविता पाटीदार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



