इंदौर में 28 अक्टूबर से संघ का महामंथन, डॉ. मोहन भागवत समेत शीर्ष नेतृत्व होगा शामिल
शताब्दी वर्ष की समीक्षा के साथ नशे, बाहरी हस्तक्षेप और पर्यावरण पर भी होगी चर्चा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक 28 से 30 अक्टूबर तक इंदौर में होगी। तीन दिवसीय बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान संगठन की गतिविधियों की समीक्षा के साथ देश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
देशभर के पदाधिकारी होंगे शामिल
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने संगठन की वेबसाइट पर जारी बयान में बैठक की जानकारी दी। इसमें संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी छह सह-सरकार्यवाह और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में देश के 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक हिस्सा लेंगे। इसके अलावा 11 क्षेत्रों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक तथा क्षेत्रीय पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।
एक साल के कामकाज का होगा आकलन
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में पिछले एक वर्ष के दौरान देशभर में संचालित संघ की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान चलाए जा रहे कार्यक्रमों और गतिविधियों पर भी चर्चा होगी।
विजयादशमी के अवसर पर संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में जिन मुद्दों को उठाया था, वे भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहेंगे।
राष्ट्रीय चुनौतियों पर भी रहेगा फोकस
बैठक में नशीले पदार्थों की बढ़ती चुनौती, देश के आंतरिक मामलों में बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप और पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इन मुद्दों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा बैठक के प्रमुख एजेंडे में रहेगी।



