इंदौर में RSS का बड़ा मंथन शुरू, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की होगी समीक्षा
देशभर के 400 पदाधिकारी जुटे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना तैयार करने के लिए इंदौर में मंथन शुरू कर दिया है। सोमवार, 2 नवंबर को डेली कॉलेज स्थित संत रविदास महाराज सभागार में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की वार्षिक बैठक प्रारंभ हुई। इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से लगभग 400 पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।
भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ बैठक का शुभारंभ हुआ। यह बैठक 4 नवंबर की शाम तक चलेगी। इसमें संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ पंच परिवर्तन के क्रियान्वयन, शाखाओं के विस्तार और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल
बैठक में संघ के सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और उनके सहायक उपस्थित हैं। इसके अलावा 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और उनके सहायक भी इसमें भाग ले रहे हैं। संघ से प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।
पंच परिवर्तन और शाखाओं के विस्तार पर जोर
बैठक के प्रमुख विषयों में पंच परिवर्तन की अवधारणा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की कार्ययोजना शामिल है। इसके क्रियान्वयन और निरंतर अनुसरण को लेकर चर्चा होगी। शताब्दी वर्ष के दौरान स्वयंसेवकों की ओर से किए गए शाखा विस्तार की समीक्षा के साथ नई शाखाएं शुरू करने और मौजूदा शाखाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विचार होगा।
इसके साथ ही सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विजयादशमी उद्बोधन में उठाए गए समसामयिक विषयों पर चर्चा कर उन्हें समाज तक पहुंचाने की योजना बनाई जाएगी।
तीन महत्वपूर्ण वक्तव्य होंगे जारी
बैठक के दौरान सरकार्यवाह की ओर से तीन महत्वपूर्ण वक्तव्य जारी किए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय चेतना के पितामह राजनारायण बोस की 200वीं जयंती, शुद्धि आंदोलन के पुरोधा स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100 वर्ष और ओडिशा के कंधमाल में जनजातीय समाज के बीच कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्म शताब्दी वर्ष से जुड़े विषय शामिल हैं।
बैठक में इन विषयों के माध्यम से संघ की आगामी गतिविधियों और सामाजिक कार्यों की दिशा पर भी चर्चा होगी।



