रतलाम सिविल अस्पताल के निर्माण में खामियां देख भड़के कलेक्टर, अधिकारियों से पूछा- मरीज लिफ्ट तक पहुंचेंगे कैसे ?
निरीक्षण में डिजाइन पर उठे सवाल, मार्च 2027 तक पूरा होना है अस्पताल का निर्माण

मध्यप्रदेश के रतलाम में निर्माणाधीन सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर अजय कटेसरिया वहां की व्यवस्थाओं और डिजाइन में खामियां देखकर नाराज हो गए। उन्होंने अस्पताल का नक्शा मंगवाकर मरीजों के लिए प्रस्तावित लिफ्ट की व्यवस्था पर सवाल उठाए। अधिकारियों से मिली जानकारी पर असंतोष जताते हुए उन्होंने निर्माण कार्य में लापरवाही को लेकर फटकार भी लगाई।
लिफ्ट की व्यवस्था पर उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा कि मरीज लिफ्ट तक पहुंचेंगे कैसे और इस व्यवस्था का उपयोग किस तरह होगा। उन्होंने कहा कि केवल लिफ्ट बना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने मरीजों के लिए एक-दो अतिरिक्त लिफ्ट की जरूरत भी बताई।
नक्शा देखकर अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने अधिकारियों के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा, “ये क्या बेवकूफी है यार। ये तो अच्छा हुआ कि मैं यहां निर्माण कार्य देखने आ गया।” उनके सवालों के बाद अधिकारियों ने नक्शे पर दो बड़ी लिफ्ट की व्यवस्था की जानकारी दी।
इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ये लिफ्ट दूसरे चरण यानी फेज-2 को जोड़ने के लिए हैं। उन्होंने मरीजों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए मौजूदा डिजाइन और लिफ्ट की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के डिजाइन में कई खामियां सामने आने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। रतलाम सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अस्पताल के निर्माण में मरीजों की सुविधा और आवाजाही की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान उठाए गए सवालों से निर्माण की योजना और डिजाइन पर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है।



