प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, 77.64 लाख रुपये का जुर्माना; सहयोगी को भी सजा
पांच नाबालिगों के यौन शोषण मामले में भोपाल कोर्ट का फैसला, आठ सजाएं आजीवन कारावास की

भोपाल में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में पूर्व अखबार मालिक प्यारे मियां को अदालत ने 10 अलग-अलग उम्रकैद की सजाएं सुनाई हैं। अदालत ने उस पर 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में पांच नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया गया था और उनके वीडियो भी बनाए गए थे।
आठ सजाएं आजीवन कारावास की
अदालत ने प्यारे मियां को पॉक्सो अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अलग-अलग सजाएं सुनाईं। इनमें आठ सजाएं आजीवन कारावास की हैं, जबकि दो अन्य उम्रकैद की सजाएं हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। विशेष लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मामले में आरोप साबित करने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए।
नौकरी का झांसा देकर शोषण के आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, प्यारे मियां वर्ष 2014 से नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था। आरोप था कि वह गरीब परिवारों की लड़कियों को नौकरी दिलाने का लालच देकर अपने संपर्क में लाता था। इसके बाद उन्हें फ्लैट में रखकर उनका यौन शोषण करता और वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें डराता था। लड़कियों को दूसरे लोगों के पास भेजने और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोप भी सामने आए थे।
जुलाई 2020 में सामने आया था मामला
11 जुलाई 2020 को भोपाल के बावड़िया कलां स्थित एक फ्लैट में जन्मदिन की पार्टी के दौरान एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया था। घटनाक्रम के बाद पुलिस को लड़कियों के बयान मिले, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी। मामला उजागर होने के बाद प्यारे मियां फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
राबिया बी को भी 20 साल की सजा
अभियोजन के अनुसार, राबिया बी लड़कियों पर नजर रखती थी और इस मामले में प्यारे मियां का साथ देती थी। अदालत ने उसे 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामले का खुलासा होने के बाद प्यारे मियां की पत्रकारिता संबंधी अधिमान्यता रद्द कर दी गई थी। तत्कालीन राज्य सरकार के कार्यकाल में उसके मकान पर भी कार्रवाई की गई थी।



