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तीन मासूमों की मौत से उबला पीथमपुर, श्रद्धांजलि देने उसी जगह पहुंचे लोग; अब सड़क सुधार पर आर-पार की चेतावनी

महेंद्रा ब्रिज हादसे के बाद पैदल मार्च, प्रशासन से मरम्मत और यातायात सुधार की मांग

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: पीथमपुर, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
श्रद्धांजलि मार्च के दौरान नागरिकों ने सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार की मांग उठाई।
श्रद्धांजलि मार्च के दौरान नागरिकों ने सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार की मांग उठाई।
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मध्यप्रदेश के धार जिले के पीथमपुर में तीन मासूम छात्रों की सड़क हादसे में मौत ने शहर को झकझोर दिया है। महेंद्रा ब्रिज पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद रविवार को पीथमपुर बचाओ समिति और शहरवासियों ने पैदल मार्च निकालकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि दी। माहौल गमगीन रहा और लोग नम आंखों से उस स्थान पर पहुंचे, जहां हादसे के बाद बच्चों के शव रखे गए थे। श्रद्धांजलि के साथ नागरिकों का आक्रोश भी सामने आया। उन्होंने खराब सड़कों, मरम्मत में लापरवाही और यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

सड़क की हालत और भारी वाहनों की आवाजाही पर नाराजगी

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि औद्योगिक नगरी होने के कारण पीथमपुर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सड़क की नियमित मरम्मत, गति सीमा का पालन और प्रमुख चौराहों पर बेहतर यातायात प्रबंधन जरूरी है।

नागरिकों ने महेंद्रा ब्रिज की सड़क की तकनीकी जांच कराने और गुणवत्ता के साथ मरम्मत करने की मांग की। साथ ही दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने, दिशा संकेतक लगाने और गति सीमा के बोर्ड लगाने पर जोर दिया। रहवासी क्षेत्रों में भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने की मांग भी उठाई गई।

अधूरे निर्माण पूरे कराने की मांग

पीथमपुर बचाओ समिति और स्थानीय नागरिकों ने व्यस्त चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए औद्योगिक कंपनियों के सहयोग से अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की। लोगों ने इंदोरामा के अधूरे फ्लाईओवर और विकास भवन से संजय जलाशय की ओर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का काम जल्द पूरा कराने की जरूरत भी बताई। उनका कहना है कि इससे मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

ज्ञापन सौंपा, आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

शहरवासियों ने जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर खराब सड़कों की मरम्मत, यातायात सुधार, औद्योगिक वाहनों की गति नियंत्रित करने और अधूरे निर्माण कार्य पूरे कराने की मांग रखी। हादसे में जान गंवाने वाले तीनों बच्चों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

नागरिकों ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। मांगों पर शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक करने तथा उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।

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