सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की तैयारी तेज, इंदौर समिट में तीन अहम मुद्दों पर मंथन
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर चिप डिजाइन तक, उद्योग और शिक्षा के तालमेल पर रहा जोर

मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सेमीकंडक्टर समिट-2026 के पहले दिन तीन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई राउंड टेबल बैठकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग तथा फैबलेस, प्रोडक्ट एवं आईपी कंपनियों के विकास पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। चर्चाओं में निवेश, कौशल विकास, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी विकास पर चर्चा
पहली राउंड टेबल में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, तकनीकी सुविधाओं और उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार हुआ। आईईएसए और सेमी इंडिया से जुड़े अशोक चंडाक तथा सिनॉप्सिस के सीनियर डायरेक्टर माधवेंद्र शान भटनागर सहित प्रतिभागियों ने एआई एप्लीकेशन, नेटवर्क, अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन तैयार करने से जुड़े सुझाव रखे।
शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल पर जोर
दूसरी बैठक में सेमीकंडक्टर उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने और शैक्षणिक संस्थानों तथा कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। चिप डिजाइन और डिजाइन वेरिफिकेशन जैसे क्षेत्रों में दक्षता विकसित करने के साथ विशेष पाठ्यक्रम, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के मुद्दे उठे।
मध्यप्रदेश में राज्य स्तरीय सेमीकंडक्टर अकादमिक कंसोर्टियम स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के वाइस चेयरमैन राजीव दीक्षित ने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 के प्रावधानों की जानकारी दी। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलगुरु राकेश सिंघल ने स्थानीय शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के सहयोग से अकादमिक कंसोर्टियम विकसित करने पर जोर दिया।
कंपनियों के विकास और नीतिगत सहयोग पर मंथन
तीसरी राउंड टेबल में फैबलेस सेमीकंडक्टर, प्रोडक्ट और आईपी कंपनियों की जरूरतों पर चर्चा हुई। निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी सुविधाओं, कौशल विकास और नीतिगत सहयोग को लेकर सुझाव सामने आए। मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
इस चर्चा में एसटी, एनएक्सपी और एलएंडटी सेमी से जुड़े कृष्णा ठाकुर तथा आईआईटी इंदौर की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा वर्मा सहित अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समिट की इन बैठकों में प्रदेश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए उद्योग, शिक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने रखा गया।



