दीपावली से पहले एमपी में सफाईकर्मियों की हड़ताल, भोपाल समेत कई शहरों में कचरे के ढेर
25 हजार न्यूनतम वेतन और स्थायी नियुक्ति की मांग पर अड़े कर्मचारी

दीपावली से ठीक पहले मध्यप्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। नगरीय निकायों के दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में सफाई और कचरा संग्रहण का काम ठप हो गया। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख बाजारों तक कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। डोर-टू-डोर कचरा वाहन नहीं पहुंचने से लोगों और व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल में 800 से अधिक वाहन बंद
राजधानी में हड़ताल का व्यापक असर दिखाई दिया। नगर निगम के 800 से अधिक कचरा संग्रहण वाहनों के पहिए थमने से घरों से कचरा उठाने की व्यवस्था प्रभावित हुई। कई वार्डों में सफाईकर्मी नहीं पहुंचे और नियमित झाड़ू लगाने का काम भी बंद रहा। इसका असर आवासीय इलाकों के साथ प्रमुख बाजारों में भी नजर आया।
कई जिलों के नगरीय निकायों में काम बंद
राजगढ़ जिले के सभी 14 नगरीय निकायों में बुधवार को सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आए। विदिशा नगर पालिका में भी कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई और कचरा संग्रहण प्रभावित रहा। नर्मदापुरम, रायसेन जिले के गैरतगंज और अशोकनगर जिले के शाढौरा नगर परिषद में भी कर्मचारियों ने काम बंद रखा। प्रदेश के दूसरे नगरीय निकायों में भी हड़ताल का असर सामने आया है।
सरकारी दर्जा और स्थायी नियुक्ति की मांग
हड़ताल कर रहे दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और न्यूनतम मासिक वेतन 25 हजार रुपये निर्धारित किया जाए। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को स्थायी करने, ठेका प्रथा समाप्त करने और किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी शामिल है।
त्योहारी सीजन में बढ़ी परेशानी
दीपावली से पहले बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है। कचरा संग्रहण वाहनों का संचालन बंद होने से घरों में जमा कचरे के निस्तारण की समस्या भी सामने आ रही है। कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण नगरीय निकायों के सामने स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है।



