टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड: मुख्य आरोपी का बीती रात शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली
पुलिस वाहन का टायर पंचर होने पर भागने की कोशिश

देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मुख्य आरोपी गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू का मंगलवार रात पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर किया। राजोदा और बरोठा के बीच हुई इस घटना में आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा से भागने के लिए एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली उसके पैर में लगी। घायल आरोपी को तत्काल देवास जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
टायर पंचर होने पर भागने की बनाई योजना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी की टीम गजेंद्र रावत को अलीराजपुर से देवास ला रही थी। इसी दौरान राजोदा और बरोठा के बीच पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। पुलिसकर्मी जब वाहन का टायर बदलने में जुटे थे, तभी आरोपी ने लघुशंका जाने की बात कही। सुरक्षा में तैनात एएसआई उसे सड़क किनारे लेकर गए।
एएसआई की रिवॉल्वर छीनकर की फायरिंग
सड़क किनारे पहुंचते ही आरोपी ने अचानक एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और वहां से भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान एक गोली आरोपी के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। मौके से एएसआई की छीनी गई सर्विस रिवॉल्वर भी बरामद कर ली गई।
जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल आरोपी को तत्काल देवास जिला अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। आरोपी को आईसीयू में रखा गया है।
एसपी ने एसओपी के तहत कार्रवाई की बात कही
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसे अलीराजपुर से देवास लाया जा रहा था, इसी दौरान उसने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। उसे रोकने के लिए पुलिस ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।



