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सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म, अब 20 हजार रुपये तक मिलेगा वेतन; सीएम मोहन यादव से बनी सहमति

25 और 29 दिवसीय कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी, एक महीने में कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य मंत्री कृष्णा गौर के साथ बैठक में शामिल सफाईकर्मी संगठनों के प्रतिनिधि।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य मंत्री कृष्णा गौर के साथ बैठक में शामिल सफाईकर्मी संगठनों के प्रतिनिधि।
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मध्यप्रदेश में तीन दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल शुक्रवार, 6 नवंबर की रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई बैठक के बाद समाप्त हो गई। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए वेतन वृद्धि और नियमितीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति जताई। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया।

10,500 से बढ़कर 20 हजार तक पहुंचेगा वेतन

समझौते के तहत 25 दिवसीय सफाईकर्मियों को विनियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इससे वर्तमान में करीब 10,500 रुपये वेतन पाने वाले कर्मचारियों की आय बढ़कर 18 हजार से 20 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। इस निर्णय को सफाईकर्मियों के लिए आर्थिक राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्थायीकरण की प्रक्रिया भी होगी शुरू

बैठक में 29 दिवसीय और दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति बनी। सरकार की ओर से इन मांगों पर एक महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों पर भी विचार करने की बात कही गई।

हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था हुई प्रभावित

तीन दिनों तक चले आंदोलन का असर राजधानी भोपाल की सफाई व्यवस्था पर व्यापक रूप से दिखाई दिया। इस दौरान शहर की सड़कों पर करीब 2,550 टन कचरा जमा हो गया था। कई इलाकों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिससे नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

आंदोलन खत्म होते ही सफाई अभियान शुरू

समझौते के बाद हड़ताल समाप्त होते ही नगर निगम अधिकारियों और सफाईकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। 10 नंबर मार्केट सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान शुरू किया गया। अब कर्मचारियों की निगाहें सरकार के साथ हुई सहमति के अनुरूप निर्णयों के समयबद्ध क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

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