विधायक के सरकारी कमरे में आपत्तिजनक हालत में मिले पुलिसकर्मी, विधानसभा में मचा हड़कंप
विधायक के कमरे में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से विधानसभा की सुरक्षा पर उठे सवाल, जांच शुरू।

मध्य प्रदेश विधानसभा के विश्राम गृह में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उज्जैन जिले के महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस को आवंटित कक्ष में एक महिला और एक पुरुष पुलिसकर्मी आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिले। विधायक की शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) भी अपने स्तर पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहा है।
विधायक ने प्रमुख सचिव को दी लिखित शिकायत
यह घटना दो नवंबर 2026 की बताई गई है। विधायक दिनेश जैन बोस ने विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले से अवगत कराया था। उनके अनुसार, जब वे अपने आवंटित कक्ष की ओर जा रहे थे, उसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी उनके कमरे से बाहर निकलती दिखाई दी। कुछ देर बाद एक पुरुष पुलिसकर्मी भी कमरे से बाहर आया। दोनों का सामान कमरे के बाहर रखा हुआ था।
पूछताछ के दौरान महिला पुलिसकर्मी ने मांगी माफी
विधायक के मुताबिक, उन्होंने जब पुलिसकर्मियों से इस संबंध में पूछताछ की तो महिला पुलिसकर्मी ने उनसे माफी मांगी। घटना की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इसे गंभीर मामला मानते हुए विधानसभा सचिवालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी विधायक के आवंटित कक्ष में किस परिस्थिति में पहुंचे थे।
पांच बिंदुओं पर सचिवालय कर रहा पड़ताल
विधानसभा सचिवालय ने मामले की जांच के लिए पांच बिंदु निर्धारित किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि विधायक ने अपने कक्ष की चाबी काउंटर पर क्यों जमा कराई थी, पुलिसकर्मियों को चाबी किसने उपलब्ध कराई और कमरे में पहुंचे दोनों पुलिसकर्मी कौन थे। इसके अलावा पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
चाबी रखने की व्यवस्था पर उठे सवाल
विधानसभा विश्राम गृह में आमतौर पर विधायकों के भोपाल से बाहर रहने पर उनके कमरों की चाबियां मुख्य काउंटर पर केयरटेकर के पास जमा रहती हैं। ऐसे में विधायक की जानकारी के बिना पुलिसकर्मियों की आवंटित कक्ष तक पहुंच कैसे हुई, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है। सचिवालय ने संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।



