मध्यप्रदेश में ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी, पचमढ़ी से भी ठंडी हुई इंदौर की रात
कई शहरों में गिरा पारा, 10 नवंबर के बाद मौसम में और बदलाव के संकेत

मध्यप्रदेश में उत्तर-पश्चिमी दिशा से आ रही ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदलना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि पूर्वी जिलों में दिन के समय भी ठंड का असर बढ़ा है। इंदौर और भोपाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री नीचे पहुंच गया है। खास बात यह है कि इंदौर की रात पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडी रही। मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने के आसार हैं।
पचमढ़ी से नीचे पहुंचा इंदौर का पारा
शनिवार को इंदौर में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 12.6 डिग्री रहा। इस तरह प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल पचमढ़ी के मुकाबले इंदौर की रात अधिक ठंडी रही। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक है।
करौंदी में सबसे ठंडी रात, खजुराहो सबसे गर्म
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी जिले के करौंदी में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 12.4 और रायसेन में 12.6 डिग्री रहा। दूसरी ओर खजुराहो में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
पूर्वी जिलों में दिन के तापमान में गिरावट
बालाघाट, नर्मदापुरम और बैतूल में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। नौगांव और शिवपुरी में भी दिन के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि दतिया और शिवपुरी सहित कुछ स्थानों पर रात का तापमान 20 डिग्री तक बना हुआ है। टीकमगढ़, धार और श्योपुर में भी न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा। प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह धुंध दिखाई देने लगी है। इस दौरान चार से छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही हैं।
10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ का असर संभव
मौसम विभाग के अनुसार 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पहाड़ों पर मौसम में बदलाव के बाद मैदानी क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं का असर बढ़ सकता है। मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो 12 और 13 नवंबर तक मध्यप्रदेश के तापमान में और गिरावट आने के संकेत हैं।



