MP में प्रशासनिक फाइलों पर सख्ती: जांच के बिना GAD नहीं करेगा कार्रवाई, हर तीन महीने में JCC बैठक अनिवार्य
अधूरी जानकारी और सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना भेजे गए प्रकरण होंगे नस्तीबद्ध, विभागों को प्रक्रिया सुधारने के निर्देश

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कामकाज से जुड़ी फाइलों के निपटारे को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सख्त रुख अपनाया है। अब विभागों और जिला कार्यालयों से भेजे जाने वाले मामलों पर कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। बिना उचित परीक्षण, स्पष्ट जानकारी और जरूरी अनुमोदन के सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई फाइलों पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसी नस्तियों को सीधे नस्तीबद्ध करने का निर्णय लिया गया है।
विभागीय स्तर पर जांच जरूरी
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को पत्र जारी कर कहा है कि पहले से जारी दिशा-निर्देशों और परिपत्रों का पालन किए बिना प्रकरण सीधे मुख्यालय भेजे जा रहे हैं। विभागों को अपने स्तर पर फाइलों का बारीकी से परीक्षण करने और उपलब्ध नियमों के आधार पर निर्णय लेने के बाद ही मार्गदर्शन के लिए मामला भेजना चाहिए।
फाइलों में सामने आईं प्रशासनिक खामियां
GAD के अवर सचिव रवि मालवीय ने पत्र में स्पष्ट किया है कि विभागाध्यक्षों और जिला कार्यालयों की ओर से सीधे पत्राचार करने, व्यवस्थित संक्षेपिका नहीं लगाने और परामर्श मांगने के बिंदु स्पष्ट नहीं करने जैसी कमियां सामने आई हैं। कई मामलों में प्रमुख सचिव या सचिव का अनिवार्य अनुमोदन भी नहीं लिया जा रहा है।
न्यायालयीन मामलों में भी तय प्रक्रिया
विभाग ने यह भी रेखांकित किया है कि न्यायालय से जुड़े प्रकरणों में विधि विभाग से आवश्यक सलाह लेने के बजाय सीधे सामान्य प्रशासन विभाग को फाइलें भेजी जा रही हैं। निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम स्तर की मंजूरी के बिना भेजे गए मामलों पर न तो कार्रवाई होगी और न ही इस संबंध में अलग से पत्राचार किया जाएगा।
हर तीन महीने में होगी JCC बैठक
प्रशासनिक निर्देशों के साथ संयुक्त परामर्शदात्री समितियों (JCC) की बैठकों को लेकर भी सख्ती की गई है। प्रदेश के सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को वर्ष में चार बार, यानी प्रत्येक तीन महीने में कम से कम एक बैठक आयोजित करना अनिवार्य किया गया है। सक्षम अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के मामलों का समय पर निराकरण करने और बैठकों की पूरी कार्यवाही का विवरण सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।



