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एमपी पुलिस में छुट्टी के पुराने तरीके पर रोक, अब डिजिटल अर्जी से ही मिलेगी मंजूरी

1 जुलाई से लागू व्यवस्था पर डीजीपी सख्त, समीक्षा में सामने आई ऑनलाइन प्रणाली के इस्तेमाल में कमी

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल
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मध्यप्रदेश पुलिस में अवकाश के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को लेकर अब सख्ती बरती जाएगी। पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को छुट्टी के लिए अब कागजी आवेदन के बजाय ईएचआरएमएस (eHRMS) पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही अर्जी देनी होगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने प्रदेश के सभी जिलों, पुलिस इकाइयों और वाहिनियों के प्रभारियों को डिजिटल व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है।

समीक्षा में सामने आई व्यवस्था के इस्तेमाल में कमी

पुलिस विभाग में ऑनलाइन अवकाश आवेदन की व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू की गई थी। इसके लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई इकाइयों में ईएचआरएमएस के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया नियमित रूप से नहीं अपनाई जा रही थी और कागजी आवेदनों का चलन जारी था।

7 अक्टूबर को हुई डीजीपी की समीक्षा बैठक में इस स्थिति पर चर्चा हुई। इसके बाद सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अवकाश संबंधी आवेदन और उनकी स्वीकृति निर्धारित डिजिटल प्रक्रिया के अनुसार ही की जाए।

आवेदन से मंजूरी तक ऑनलाइन प्रक्रिया

ईएचआरएमएस पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पुलिसकर्मी अपनी यूनिक आईडी से लॉगिन कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार अवकाश का प्रकार चुनकर आवेदन जमा करना होगा। संबंधित पर्यवेक्षी अधिकारी आवेदन की समीक्षा कर उसे आगे भेजेंगे। इसके बाद सक्षम अधिकारी नियमों के अनुसार अवकाश को मंजूरी देंगे या अस्वीकार करेंगे। आवेदन की अंतिम स्थिति पोर्टल और मोबाइल ऐप पर दिखाई देगी।

रिकॉर्ड और जवाबदेही पर रहेगा जोर

डिजिटल माध्यम से अवकाश आवेदन की प्रक्रिया अपनाने से छुट्टी से जुड़े रिकॉर्ड का केंद्रीकृत संधारण किया जा सकेगा। इससे आवेदन और स्वीकृति की स्थिति पर निगरानी रखने के साथ पुलिसकर्मियों की उपस्थिति और तैनाती का आकलन करने में भी मदद मिलेगी। डीजीपी के निर्देशों के बाद अब सभी पुलिस इकाइयों में इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराना जरूरी होगा।

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