सीएम डॉ. मोहन यादव का फैसला, छोटे उद्योगों के लिए बनेगी अलग औद्योगिक विकास कंपनी
निजी निवेशकों को भी औद्योगिक पार्क बनाने का मौका, दो महीने में सभी जिलों में उपलब्ध होगी औद्योगिक भूमि

मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार अलग औद्योगिक विकास कंपनी गठित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 1 नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस पर इसकी घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी (MSME-IDC) छोटे उद्योगों को भूमि और जरूरी अधोसंरचना उपलब्ध कराने का काम करेगी। इसके साथ ही निजी निवेशक भी औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे। सरकार इसके लिए प्रति हेक्टेयर 50 लाख रुपये का अनुदान देगी। प्रदेश के सभी जिलों में दो महीने के भीतर एमएसएमई इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा गया है।
900 से अधिक इकाइयों को 450 करोड़ से ज्यादा की सहायता
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 900 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 450 करोड़ रुपये से अधिक और 120 से ज्यादा स्टार्टअप को 47.80 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि अंतरित की। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्यमियों के निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
83 करोड़ के निवेश से 640 रोजगार की संभावना
कार्यक्रम में 75 औद्योगिक भूखंडों के लिए आशय-पत्र प्रदान किए गए। इनके माध्यम से लगभग 83 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है, जिससे 640 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से संवाद कर उनकी निवेश योजनाओं और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
2028 तक 5 हजार उद्योगों को मिलेंगे भूखंड
मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 1,250 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। चालू वित्त वर्ष में यह संख्या 3,000 तक पहुंचाने और वर्ष 2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य है। इस अवधि में 5,000 उद्योगों को भूखंड उपलब्ध कराने की योजना है। वर्ष 2025-26 में 220 हेक्टेयर भूमि पर 13 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं।
उद्यमियों को सौंपे भूमि आवंटन के आशय-पत्र
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि के चेक प्रदान किए। स्टार्टअप नीति के तहत कनिष्क गुप्ता को सहायता राशि दी गई। वहीं मेघा चंदेकर, किरण सिंह और हितेन्द्र शर्मा को बुदनी टॉय क्लस्टर, रश्मि रजक और सौरभ सिंह को जेर निवाड़ी तथा अमृत स्वर्णकार को कटनी के टिकरिया तखला औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन के आशय-पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, एमएसएमई सचिव जॉन किंग्सली सहित बड़ी संख्या में उद्यमी और स्टार्टअप संचालक मौजूद रहे।



