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मध्यप्रदेश में उद्योगों को सात दिन में मिलेगा आशय पत्र, 10 करोड़ के निवेश पर उसी दिन जारी होगा

भूमि आवंटन प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
मध्यप्रदेश में उद्योगों को सात दिन में मिलेगा आशय पत्र, 10 करोड़ के निवेश पर उसी दिन जारी होगा
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मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। प्रदेश में वृहद और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों को नए उद्योग लगाने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए भूमि व औद्योगिक शेड आवंटित किए जाएंगे। नए नियमों के तहत आवेदन के सात कार्य दिवस के भीतर ऑनलाइन प्रणाली से आशय पत्र (एलओआई) जारी किया जाएगा। वहीं, 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक के निवेश प्रस्ताव वाली परियोजनाओं के लिए उसी दिन स्वचालित रूप से आशय पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है।

ई-बिडिंग से होगा भूमि का आवंटन

प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2026 जारी किए गए हैं। नए और निरस्त औद्योगिक भूखंडों का आवंटन मुख्य रूप से ऑनलाइन ई-बिडिंग के माध्यम से किया जाएगा। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, औद्योगिक आवास और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़ी इकाइयां भी इन नियमों के दायरे में आएंगी।

बड़े निवेश और रोजगार देने वाली परियोजनाओं को छूट

नियमों के अनुसार, 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली मेगा परियोजनाओं को सामान्य ई-बिडिंग प्रक्रिया से छूट मिल सकेगी। वहीं, अति प्रदूषणकारी उद्योगों को सामान्य औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटित नहीं की जाएगी। इनके लिए अलग से आरक्षित क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे।

भूमि और भवन की लीज अवधि निर्धारित

औद्योगिक भूमि के लिए पट्टे की अधिकतम अवधि 99 वर्ष और भवनों के लिए 30 वर्ष तय की गई है। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भूमि का मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर निर्धारित होगा। हालांकि, प्रीमियम की न्यूनतम दर 250 रुपये प्रति वर्गमीटर से कम नहीं होगी। विकसित भूमि पर स्लैब पद्धति के अनुसार 75 प्रतिशत तक की रियायत का प्रावधान भी किया गया है।

भू-भाटक और आवेदन शुल्क के नियम

वार्षिक भू-भाटक कुल प्रीमियम का दो प्रतिशत होगा। इसका प्रत्येक 30 वर्ष में पुनरीक्षण किया जाएगा। सुरक्षा निधि के रूप में वार्षिक भू-भाटक की तीन गुना राशि जमा करनी होगी। अविकसित भूमि के लिए आवेदन शुल्क भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर तय होगा, जिस पर जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। विकसित भूमि के लिए सभी इकाइयों पर एक समान 5,000 रुपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है।

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