चोरल के जंगलों में पेड़ कटाई पर हाईकोर्ट की रोक, रेलवे और वन विभाग से जवाब तलब
ढाई लाख पेड़ों पर संकट, अगली सुनवाई 30 नवंबर को

इंदौर के चोरल जंगलों से होकर प्रस्तावित रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने सिमरोल-चोरल से बड़वाह तक रेलवे ट्रैक परियोजना के तहत प्रस्तावित कटाई पर रोक लगाते हुए वन विभाग और रेलवे प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर 2026 को होगी।
ट्रैक के नए डिजाइन पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता करण बैरागी की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि शुरुआती डिजाइन में करीब 40 से 50 हजार पेड़ प्रभावित होने का अनुमान था, लेकिन बाद में रेलवे ट्रैक का डिजाइन बदलने से यह संख्या बढ़कर लगभग 2.5 लाख तक पहुंच गई। रेलवे की ओर से पुराने मार्ग पर अधिक ढलान और सिमरोल से बड़वाह के बीच यात्रा में 30 से 40 मिनट अतिरिक्त लगने जैसी तकनीकी वजहों का हवाला दिया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की आवश्यकता पर सवाल उठाए।
पर्यावरण और वन्यजीवों पर असर की चिंता
याचिका में कहा गया कि चोरल के जंगल इंदौर और मालवा क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये जंगल निमाड़ की ओर से आने वाली गर्म हवाओं को रोकने और स्थानीय जलवायु को संतुलित रखने में मदद करते हैं। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि बड़े पैमाने पर पेड़ कटने से तापमान, भूजल और वर्षा चक्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अदालत में यह भी बताया गया कि जंगल में बाघ, तेंदुए, चीतल, सांभर, लोमड़ी, मोर और जंगली खरगोश सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। याचिका में बाघों के 37 और तेंदुओं के 89 पगमार्क दर्ज होने का दावा भी किया गया। इसके अलावा स्थानीय वृक्ष प्रजातियों और जैव विविधता पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई।
विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग
याचिकाकर्ता ने रेलवे परियोजना और वन भूमि के उपयोग से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश करने तथा वानिकी, वन्यजीव और पर्यावरण विज्ञान के स्वतंत्र विशेषज्ञों की समिति गठित करने की मांग की है। अदालत की अंतरिम रोक के बाद अब रेलवे और वन विभाग के जवाब पर नजर रहेगी। अगली सुनवाई में परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव और पेड़ों की कटाई की आवश्यकता से जुड़े पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा।



