MP में गन लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर, 1 नवंबर से बदलेगा आवेदन का तरीका
हथियारों और कारतूसों की निगरानी होगी सख्त

मध्य प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को जल्द नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एक नवंबर 2026 से ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और आवेदकों को ऑनलाइन माध्यम अपनाना होगा। इसके साथ ही राज्य में हथियारों और कारतूसों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रखने के लिए नया पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसे केंद्र सरकार के नेशनल डेटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में निर्णय लिए जाने की जानकारी दी गई है।
खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा
नई व्यवस्था के तहत शस्त्र विक्रेताओं को हथियारों और कारतूसों की प्रत्येक खरीद-बिक्री का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस लाइसेंसधारक ने कब और कितने कारतूस खरीदे। कारतूसों के उपयोग से संबंधित रिकॉर्ड को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है।
कहां करना होगा आवेदन ?
नए शस्त्र लाइसेंस, नवीनीकरण और हथियार हस्तांतरण से जुड़े आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकेंगे। इसके लिए आवेदक केंद्र सरकार के एनडीएएल पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प बताया गया है। आवेदन के लिए पहचान और निवास प्रमाण सहित निर्धारित दस्तावेजों की जरूरत होगी। संदर्भित जानकारी में चिकित्सा प्रमाणपत्र और आय से जुड़े दस्तावेजों का भी उल्लेख है।
खिलाड़ियों के लाइसेंस की भी होगी जांच
शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के शस्त्र लाइसेंस के नए आवेदनों का सत्यापन सख्ती से किया जाएगा। इसके लिए स्टेट या नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से खिलाड़ी की सक्रिय भागीदारी की पुष्टि कराई जाएगी। सत्यापन के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
2.40 लाख लाइसेंसों की वैधता का मामला
प्रदेश में करीब 2.40 लाख शस्त्र लाइसेंसों की वैधता समाप्त होने का मामला भी सामने आया है। संदर्भित जानकारी के अनुसार, पोर्टल पर नवीनीकरण और अन्य आवेदनों के निराकरण का विवरण दर्ज नहीं होने से यह स्थिति बनी। नई व्यवस्था के तहत रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और लाइसेंस संबंधी जानकारी को बेहतर ढंग से दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है।



