युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरी के नए रास्ते, मोहन सरकार ने 1.24 लाख पदों पर लगाई मुहर
ऊर्जा और स्वास्थ्य विभाग में बंपर पद, भर्ती की उम्मीदों को मिली नई रफ्तार

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने विभिन्न विभागों में 1.24 लाख नए पदों को मंजूरी दी है। इनमें ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और गृह विभाग में सबसे ज्यादा पद शामिल हैं। इस फैसले से प्रदेश में सरकारी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
सरकार ने करीब पौने तीन साल के कार्यकाल में 14 बोर्ड और कंपनियों को मंजूरी देने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था, औद्योगिक विकास और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया है। नए पदों की मंजूरी के साथ पहले से खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।
ऊर्जा और स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा पद
विभागवार स्वीकृत पदों में ऊर्जा विभाग सबसे आगे है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी बड़ी संख्या में पद मंजूर किए गए हैं। उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार पदों का ब्योरा इस प्रकार है।
- ऊर्जा विभाग: 52,000 पद
- लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा: 47,000 पद
- महिला एवं बाल विकास: 13,200 पद
- गृह विभाग: 9,662 पद
- परिवहन विभाग: 1,800 पद
- तीन नए जिलों के लिए: 1,240 पद
सरकार की कैबिनेट से स्वीकृत इन पदों में नियमित पदों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है। इनके अलावा संविदा और आउटसोर्स से जुड़े पद भी शामिल हैं। हालांकि, पदों की मंजूरी के बाद भर्ती की अधिसूचना और नियुक्ति की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होगी।
भोपाल से इंदौर-उज्जैन तक विकास की तैयारी
सरकार क्षेत्रीय और औद्योगिक विकास के लिए नई संस्थागत व्यवस्थाएं तैयार कर रही है। भोपाल और आसपास के चिह्नित जिलों को मिलाकर विकास की योजना के लिए भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह इंदौर-उज्जैन और आसपास के जिलों के विकास के लिए भी अथॉरिटी बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी के गठन को हाल ही में मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य मौजूदा प्रमुख मार्गों के किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना है।
परिवहन सेवाओं को मिलेगा नया ढांचा
बंद पड़ी लोक परिवहन सेवा को नए स्वरूप में संचालित करने के लिए एमपी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बनाई गई है। इसके तहत चुनिंदा मार्गों पर बसों का संचालन शुरू किया गया है। इसके अलावा संभागीय परिवहन कंपनियों को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि संभाग स्तर पर लोक परिवहन सेवाओं का संचालन और नियंत्रण किया जा सके।
पुलिस भर्ती बोर्ड और प्रशासनिक पुनर्गठन पर भी जोर
पुलिस में भर्ती प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन प्रस्तावित है, जिसकी प्रक्रिया अभी बाकी है। वहीं, संभागों, जिलों और तहसीलों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से जुड़ी समस्याओं के अध्ययन के लिए एमपी प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया गया है।
नर्मदा संरक्षण के लिए नमन मिशन को स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत करने की योजना भी शामिल है। इन पहलों के जरिए सरकार रोजगार के अवसरों के साथ प्रशासनिक ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।
युवाओं की नजर अब भर्ती अधिसूचनाओं पर
1.24 लाख पदों की मंजूरी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अब इन पदों पर भर्ती कब और किस प्रक्रिया से होगी, यह संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगा। युवाओं को आवेदन की तारीख, पात्रता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।



