मध्यप्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में बड़ी राहत, 45 वर्ष की उम्र पर सीपीसीटी से छूट
पदोन्नति के बाद योग्यता पूरी करने के लिए मिलेंगे पांच साल

मध्यप्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देने के नियमों में राहत प्रदान की है। सामान्य प्रशासन विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पदोन्नति की तिथि पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (सीपीसीटी) के स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। वहीं, अन्य पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद निर्धारित कम्प्यूटर योग्यताएं पूरी करने के लिए अधिकतम पांच वर्ष का समय दिया जाएगा।
दो वर्ष में पूरी करनी होगी कम्प्यूटर योग्यता
विभागीय पदोन्नति के तहत सहायक ग्रेड-3 के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कम्प्यूटर डिप्लोमा या निर्धारित समकक्ष योग्यता प्राप्त करना भी जरूरी होगा।
पांच साल में योग्यता नहीं तो मूल पद पर वापसी
यदि कर्मचारी दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में निर्धारित योग्यताएं पूरी नहीं कर पाते हैं, तो उनकी परिवीक्षा अवधि अधिकतम तीन वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी। इस तरह पदोन्नति के बाद कुल पांच वर्ष का अवसर मिलेगा। निर्धारित अवधि में आवश्यक योग्यताएं हासिल नहीं करने पर कर्मचारी को उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस पदस्थ किया जाएगा।
सीधी भर्ती के नियमों में बदलाव नहीं
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, यह छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होगी। सीधी भर्ती और अन्य माध्यमों से होने वाली नियुक्तियों में सीपीसीटी तथा कम्प्यूटर डिप्लोमा की निर्धारित अर्हताएं पहले की तरह अनिवार्य रहेंगी। 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीपीसीटी स्कोर कार्ड से छूट मिलने के बावजूद कम्प्यूटर दक्षता संबंधी अनिवार्यता का पालन करना होगा।
सरकार ने ये दिशा-निर्देश मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत पदोन्नति प्रक्रिया में सामने आ रही भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से जारी किए हैं।



