मध्यप्रदेश में 27,050 करोड़ के विकास प्रस्ताव मंजूर, जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए बनेगी कंपनी
कैबिनेट बैठक के अहम फैसले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 27,050 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। इनमें औद्योगिक विकास, सोयाबीन किसानों को उचित मूल्य, सिंचाई, शिक्षा और आयुष से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।
जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए कंपनी
मंत्रि-परिषद ने जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी। कंपनी पूरी तरह मध्यप्रदेश सरकार के स्वामित्व में रहेगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी दी जाएगी। कंपनी औद्योगिक पार्क, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी पार्क सहित आर्थिक केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करेगी।
सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना
खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की जाएगी। किसानों को 17 अक्टूबर तक ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। अधिसूचित मंडियों में बिक्री की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक तय की गई है। पात्र किसानों को नियमानुसार राशि सीधे बैंक खातों में दी जाएगी।
सिंचाई और शिक्षा पर भी फैसले
बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076.37 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ रुपये तथा सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और खेलकूद भवनों के निर्माण एवं विस्तार के लिए 2,875.20 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
आयुष और जिला कार्यालयों को मंजूरी
आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों की योजना के लिए 3,535 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 1,697.62 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं के लिए 15,557.35 करोड़ रुपये तथा राज्य सूचना आयोग के लिए 71.81 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालयों के लिए नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।



