71वें स्थापना दिवस पर CM मोहन यादव ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, कहा- बीमारू से विकसित प्रदेश की ओर बढ़ रहा मध्यप्रदेश
विरासत और विकास को बताया प्रदेश की नई पहचान, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में जनभागीदारी का किया आह्वान

मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक नवंबर को मनाए जा रहे स्थापना दिवस के अवसर पर अपने संदेश में उन्होंने प्रदेश की अब तक की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की पहचान से आगे निकलकर विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस यात्रा को और गति देने के लिए सामूहिक प्रयासों का हिस्सा बनने की अपील की।
संस्कृति और इतिहास से बनी प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश महज एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि समृद्ध भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, आध्यात्मिक चेतना और असीम संभावनाओं की जीवंत पहचान है। पिछले 71 वर्षों में प्रदेश ने कई अच्छे-बुरे दौर देखे हैं। इन अनुभवों के साथ राज्य ने बदलाव की लंबी यात्रा तय की है और अब उसकी पहचान नए विकास से भी जुड़ रही है।
औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में बढ़ते अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की नई पहचान उसकी गौरवशाली विरासत और विकास की उड़ान से बन रही है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन देने, कृषि विकास दर में वृद्धि और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इन प्रयासों से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और मजबूती मिल रही है।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए सामूहिक संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामूहिक संकल्प, जनभागीदारी और अथक परिश्रम से ही नए मध्यप्रदेश का निर्माण किया जा सकता है। उनका लक्ष्य ऐसा प्रदेश बनाना है, जो अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास के क्षेत्र में देश और दुनिया के लिए उदाहरण बने।
उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से सरकार के साथ सहभागी बनकर विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।



