इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया शस्त्र पूजन, सत्य की विजय का दिया संदेश
दशहरे पर परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर इंदौर की डीआरपी लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल होकर शस्त्र पूजन किया। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से दशहरे को उत्साह और उमंग के साथ मनाने की अपील की।
शस्त्र और शास्त्र सनातन संस्कृति के प्रतीक
इंदौर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां जगदम्बा महिषामर्दिनी ने महिषासुर का वध कर विजय और आनंद का संदेश दिया, वहीं भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर रामराज्य की स्थापना की। दशहरा हमें सत्य की राह पर चलने और असत्य पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म में शस्त्र पर तिलक लगाकर उसे धारण करने की परंपरा रही है। शस्त्र और शास्त्र, दोनों ही हमारी सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा सत्य की विजय का सबसे बड़ा पर्व है और इसे सभी को उत्साह के साथ मनाना चाहिए।
समाज के साथ पर्व मनाएगी सरकार
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि समाज द्वारा मनाए जाने वाले त्योहारों की महानता और परंपराओं को फिर से प्रतिष्ठित किया जाएगा। इसके तहत सरकार समाज के साथ मिलकर विभिन्न पर्व मनाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी पहल के तहत दशहरे पर वे स्वयं और मंत्रिमंडल के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे मां अहिल्या की नगरी इंदौर में शस्त्र पूजन के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में एक बार फिर प्रदेश और देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।



