महू के अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील
पंजीयन की अवधि खत्म होने के बाद भी हो रही थी जांच, रिकॉर्ड में भी मिली अनियमितता

इंदौर जिले के महू स्थित एमएनएच केयर अस्पताल में पंजीयन की वैधता समाप्त होने के बाद भी अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़ी जांच किए जाने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में रिकॉर्ड संधारित नहीं होने और एक अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा ईको जांच किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर अस्पताल की अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील कर दी गई है। साथ ही पीसीपीएनडीटी पंजीयन प्रमाणपत्र के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है।
निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी के अनुसार, एमएनएच केयर अस्पताल महू का पीसीपीएनडीटी पंजीयन क्रमांक 759 है। इसकी वैधता 20 अक्टूबर तक थी। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने एक टीम गठित कर अस्पताल का निरीक्षण कराया। जांच के दौरान पंजीयन की वैधता समाप्त होने के बाद भी ईको संबंधी कार्य किए जाने की जानकारी मिली।
ईको रजिस्टर नहीं मिला संधारित
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अस्पताल में ईको रजिस्टर का नियमित संधारण नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा, अपंजीकृत चिकित्सक डॉ. दीपेश कोठारी द्वारा ईको जांच किए जाने की बात सामने आई। टीम ने संबंधित जांच की रिपोर्ट जब्त कर ली। इन अनियमितताओं की जानकारी कलेक्टर शिवम वर्मा को दी गई, जिसके बाद उन्होंने अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील करने के निर्देश दिए।
मशीन सील, संचालक को नोटिस के निर्देश
कलेक्टर के निर्देश पर 29 अक्टूबर को डॉ. योगेश सिंगारे और डॉ. मधुकर शुक्ला ने अस्पताल की अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने पंचनामा भी तैयार किया। प्रशासन ने मामले में अपंजीकृत चिकित्सक डॉ. दीपेश कोठारी और केंद्र के संचालक डॉ. प्रखर अग्रवाल को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।



