नर्मदा में मिले इंदौर के सैकड़ों वोटर आईडी, प्रशासन में हड़कंप; कांग्रेस ने उठाया वोट चोरी का मुद्दा
तिलक नगर और आस्था पैलेस के पते वाले कार्ड जब्त, एफआईआर की मांग पर थाने में धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता

मध्यप्रदेश के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के पानी और तट किनारे सैकड़ों मतदाता पहचान पत्र मिलने से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। महेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंडलेश्वर के नर्मदा घाट पर रविवार को सफाई के दौरान ये वोटर आईडी मिले। कार्डों पर दर्ज पतों के अनुसार, वे इंदौर के तिलक नगर और आस्था पैलेस सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। मामले के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और पहचान पत्रों को जब्त कर लिया।
सफाई के दौरान सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, निस्वार्थ सेवा समिति के सदस्य रविवार को नर्मदा घाट पर सफाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें नदी के पानी में तैरते और तट के किनारे पड़े मतदाता पहचान पत्र दिखाई दिए। बड़ी संख्या में दूसरे शहर के पते वाले कार्ड मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को सूचना दी गई।
इसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बरामद पहचान पत्रों का पंचनामा तैयार किया और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, ये कार्ड नदी तक कैसे पहुंचे और इन्हें यहां किसने छोड़ा, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने मामले को वोट चोरी से जोड़ते हुए इसे गंभीर चुनावी अनियमितता का मामला बताया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर थाने में धरना भी दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि दूसरे शहर के सैकड़ों मतदाता पहचान पत्रों का इस तरह मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
एफआईआर नहीं हुई तो घेराव की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस उनकी मांग के अनुसार एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो आगामी दिनों में थाने का घेराव किया जाएगा। फिलहाल, मामले में पहचान पत्रों के नदी तक पहुंचने की परिस्थितियां और इसके पीछे की वजह स्पष्ट होना बाकी है।



