आधी रात महाकाल मंदिर में पहुंची NSG की टीम, दो घंटे तक चला सुरक्षा अभ्यास
नंदी द्वार से मानसरोवर तक कमांडो की हलचल, सुरक्षा तैयारियों को परखने उतरीं कई टीमें

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार, 22 अक्टूबर की देर रात सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए विशेष मॉक ड्रिल की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) मुंबई की टीम ने रात 12 बजे से 2 बजे तक अभ्यास किया। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन किया गया। अभ्यास में जिला पुलिस, प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति की टीमें भी शामिल रहीं।
नंदी द्वार से मानसरोवर क्षेत्र तक चला अभ्यास
मॉक ड्रिल की शुरुआत महाकाल महालोक के नंदी द्वार से हुई और यह मानसरोवर क्षेत्र तक चली। NSG कमांडो के साथ विभिन्न विभागों की टीमों ने अभ्यास में हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों और संबंधित टीमों के बीच समन्वय को परखना था।
संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा पर फोकस
महाकालेश्वर मंदिर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पहले भी उच्चस्तरीय सुरक्षा मॉक ड्रिल की जा चुकी है। इस अभ्यास के जरिए आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी का आकलन किया गया। हालांकि, मॉक ड्रिल के दौरान किसी वास्तविक खतरे या घटना की जानकारी नहीं दी गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा अहम
महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी महत्वपूर्ण है। NSG, पुलिस, प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की संयुक्त भागीदारी इसी दिशा में सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा रही।



