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मध्यप्रदेश में 7,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, विकास को नई रफ्तार देने पर सरकार का जोर

ग्वालियर में टेलीकॉम उद्योग और जबलपुर-इंदौर आर्थिक कॉरिडोर से खुलेंगी विकास की नई संभावनाएं

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश3 मिनट पढ़ें
गुरुवार, 22 अक्टूबर को भोपाल में विकसित भारत उद्योग-व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।
गुरुवार, 22 अक्टूबर को भोपाल में विकसित भारत उद्योग-व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।
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मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में नए प्रस्ताव सामने आए हैं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में आयोजित दो दिवसीय विकसित भारत उद्योग-व्यापार सम्मेलन में उद्यमियों ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 7,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मध्यप्रदेश के विकास को गति दे रही हैं।

ग्वालियर से इंदौर तक विकास की नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रमुख केंद्र बनाने की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जबलपुर-इंदौर आर्थिक कॉरिडोर से विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। महाकौशल और मालवा को जोड़ने वाली इस पहल से रायसेन जैसे जिलों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

ढाई साल में 12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ढाई साल के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पारदर्शी नीतियों के जरिए उद्योगों की स्थापना को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने के लक्ष्य के साथ निवेश संवर्धन से जुड़ी गतिविधियां भी लगातार संचालित की जा रही हैं।

उद्योगों से लाखों परिवारों की आजीविका जुड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और लाखों परिवारों की आजीविका चलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उद्योग जगत की सक्रियता को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, कृषि विकास के साथ प्रदेश की आर्थिक समृद्धि पर ध्यान देने की जरूरत भी रेखांकित की।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के मॉडल को दूसरे राज्यों ने भी पसंद किया है। प्रदेश में दूसरी बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाने की बात कही।

बीना रिफाइनरी परियोजना का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने बीना में डाउनस्ट्रीम रिफाइनरी के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस परियोजना से प्रतिवर्ष 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार हो सकेंगे। इससे मध्यप्रदेश के साथ देश के औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

सम्मेलन में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने रीजनल डेवलपमेंट प्लान और मेट्रोपॉलिटन एरिया जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। दो दिवसीय सम्मेलन में फेडरेशन से जुड़े विभिन्न संगठनों के सैकड़ों उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान फेडरेशन के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।

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