नर्मदा परिक्रमा में बाधा बनी खड़की नदी, 10 युवाओं ने जनसहयोग से बनाया ड्रम पुल
महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत, अब स्थायी पुल बनाने की भी शुरू हुई पहल

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान बनाने के लिए बकावां गांव के 10 युवाओं ने मिलकर एक ऐसी पहल की है, जो जनसहयोग और सामूहिक प्रयास की मिसाल बन गई है। खड़की नदी में पानी बढ़ने से परिक्रमावासियों को हो रही परेशानी के बीच युवाओं ने अपने स्तर पर करीब 200 फीट लंबा अस्थायी ड्रम पुल तैयार किया है। इससे नदी पार करने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
नदी में पानी बढ़ने से बढ़ी परेशानी
नर्मदा के बैकवॉटर के कारण खड़की नदी में करीब छह फीट पानी जमा हो गया था। ऐसे में पैदल नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को नदी पार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। महिलाओं और दिव्यांग परिक्रमावासियों के लिए यह समस्या अधिक चुनौतीपूर्ण थी। इसी परेशानी को देखते हुए बकावां के युवाओं ने मिलकर रास्ता निकालने का निर्णय लिया।
44 ड्रम और बांस से तैयार किया पुल
युवाओं ने जनसहयोग से लगभग 1.60 लाख रुपये खर्च कर करीब 200 फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा अस्थायी पुल बनाया है। इसके निर्माण में 44 प्लास्टिक ड्रम, बांस, रस्सियों और लोहे के पाइप का इस्तेमाल किया गया। नदी तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी डालकर रास्ता भी तैयार किया गया है। यह व्यवस्था बाजीराव पेशवा समाधि स्थल, रावेर और बकावां के बीच आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी।
चार साल से जुटे हैं युवा
युवा आशीष चौधरी के अनुसार, प्रशासन की ओर से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण वे पिछले चार वर्षों से अस्थायी पुल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बार भी युवाओं ने सामूहिक सहयोग से श्रद्धालुओं की परेशानी कम करने की पहल की है।
स्थायी पुल बनाने की भी तैयारी
अस्थायी व्यवस्था के साथ अब खड़की नदी पर स्थायी पुल बनाने की मुहिम भी शुरू की गई है। इस परियोजना पर करीब तीन लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। नर्मदा सेवक भी इस प्रयास में सहयोग कर रहे हैं। युवाओं की कोशिश है कि परिक्रमावासियों को हर साल नदी पार करने में होने वाली कठिनाइयों से स्थायी राहत मिल सके।



