इंदौर की 800 बस्तियों में संघ का पथ संचलन, शताब्दी वर्ष पर अनुशासन और एकजुटता का प्रदर्शन
घोष दलों की धुन के बीच कदमताल, कई इलाकों में फूल बरसाकर हुआ स्वागत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार, 25 अक्टूबर को विजयादशमी के आयोजन के तहत इंदौर में बड़े स्तर पर पथ संचलन आयोजित किए गए। शहर के चार महानगरीय जिलों की करीब 800 बस्तियों में निकले संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। निर्धारित मार्गों पर अनुशासित कतारों में चलते स्वयंसेवकों की कदमताल और घोष दलों की धुनें आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं। कई स्थानों पर स्थानीय रहवासियों ने फूल बरसाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी रही।
बस्ती-बस्ती में निकला संचलन
पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवक एकसमान कदमताल करते हुए आगे बढ़े। कतारबद्ध तरीके से निकले संचलन में अनुशासन और सामूहिक सहभागिता दिखाई दी। घोष दलों की धुनों के बीच स्वयंसेवकों ने निर्धारित मार्गों पर संचलन पूरा किया। शहर की अलग-अलग बस्तियों में स्थानीय लोगों ने स्वागत कर आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
संघ की परंपरा के अनुरूप भगवा ध्वज को गुरु मानने की भावना भी आयोजन का हिस्सा रही। बस्ती स्तर पर हुए इन कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। कई स्थानों पर जनप्रतिनिधि भी संचलन में शामिल हुए।
शताब्दी वर्ष के कारण खास रहा आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस बार विजयादशमी के पथ संचलन को विशेष महत्व मिला। संघ के प्रमुख आयोजनों में शामिल पथ संचलन के जरिए स्वयंसेवक अनुशासन, संगठन और सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हैं।
इंदौर के चार महानगरीय जिलों की करीब 800 बस्तियों में हुए आयोजनों ने बस्ती स्तर पर स्वयंसेवकों की भागीदारी को सामने रखा। भगवा ध्वज, घोष दलों और अनुशासित कदमताल के साथ निकले संचलन शताब्दी वर्ष के आयोजनों का हिस्सा बने।



