इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा का बड़ा एक्शन, 8 तहसीलदारों को नोटिस; 2 की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
नामांतरण में देरी और सीएम हेल्पलाइन पर लापरवाही को लेकर सख्ती

इंदौर में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्ती दिखाई है। स्वामित्व रजिस्ट्री में देरी, अविवादित नामांतरण के मामलों को लंबित रखने और समय-सीमा में काम नहीं करने सहित विभिन्न मामलों में जिले के 8 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में खराब प्रदर्शन पर दो तहसीलदारों की दो-दो दिन की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर कार्यालय में शनिवार, 24 अक्टूबर को आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों की अधिकारीवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व मामलों का निराकरण तय समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नामांतरण और स्वामित्व रजिस्ट्री पर सख्ती
बैठक में स्वामित्व रजिस्ट्री में देरी, अविवादित नामांतरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब, समय-सीमा का पालन नहीं करने और अनुशासनहीनता जैसे मामलों पर कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को अविवादित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने और विवादित प्रकरणों में नियमानुसार समयबद्ध निर्णय लेने के निर्देश दिए। सीमांकन, बंटवारा, भू-आवंटन और अन्य लंबित राजस्व मामलों की प्रगति भी जांची गई।
सीएम हेल्पलाइन पर गलत निराकरण नहीं चलेगा
सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं होना चाहिए। प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर आवेदक की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए। गलत निराकरण दर्ज करने या आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालयीन मामलों में भी जवाबदेही तय
कलेक्टर ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियां दूर करने, राजस्व वसूली में तेजी लाने और न्यायालयों में लंबित मामलों में शासन का पक्ष समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। शासकीय भूमि से जुड़े मामलों सहित अन्य न्यायालयीन प्रकरणों में लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में अभिलेख दुरुस्ती, रेरा, जनसुनवाई, फार्मर रजिस्ट्री, आधार केवाईसी, सीएम मॉनिट और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य विषयों की समीक्षा हुई। बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रिंकेश वैश्य, संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल और अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।



