कम बारिश से प्रभावित चार जिलों में खेती की रणनीति बदलेगा प्रशासन, रबी के लिए 17.36 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य
गेहूं-चना रहेगा प्रमुख फोकस, खाद-बीज की कालाबाजारी और अमानक सामग्री पर सख्ती के निर्देश

इंदौर संभाग में कम बारिश के असर को देखते हुए रबी फसलों की तैयारी और कृषि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को हुई संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलें अपनाने, कम अवधि में पकने वाली किस्मों को बढ़ावा देने और खाद-बीज समय पर मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। संभाग में रबी वर्ष 2026-27 के लिए 17 लाख 36 हजार 5 हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है।
चार जिलों में बारिश की कमी की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अलीराजपुर, धार, इंदौर और झाबुआ कम वर्षा से प्रभावित रहे। पिछले वर्ष की तुलना में अलीराजपुर में 43.11 प्रतिशत, धार में 40.81 प्रतिशत, इंदौर में 32.82 प्रतिशत और झाबुआ में 28.98 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों को जल संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने और किसानों को फसल विविधीकरण, स्प्रिंकलर-ड्रिप सिंचाई तथा खेतों में नमी बनाए रखने वाली तकनीकों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
गेहूं और चने की बुवाई पर रहेगा जोर
रबी कार्ययोजना के अनुसार संभाग में गेहूं की बुवाई 9 लाख 93 हजार 100 हेक्टेयर और चने की 5 लाख 82 हजार 100 हेक्टेयर में प्रस्तावित है। मक्का के लिए 1 लाख 23 हजार 940 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। मसूर, मटर, सरसों, अलसी और गन्ने की खेती को भी योजना में शामिल किया गया है। बैठक में चने और सरसों का रकबा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
खाद-बीज की व्यवस्था पर निगरानी
कृषि उत्पादन आयुक्त ने खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा अमानक सामग्री के क्रय-विक्रय और भंडारण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने अनुदानित उर्वरकों का वितरण ई-विकास पोर्टल के माध्यम से करने, पीओएस मशीन से बिक्री सुनिश्चित करने और स्टॉक का नियमित मिलान कराने पर जोर दिया। किसानों की फार्मर आईडी में सभी खातों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा उर्वरक केंद्रों पर छाया, बैठने और पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सहकारिता आयुक्त दीपक सिंह, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित संभाग के जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उद्यानिकी का रकबा बढ़ाने तथा किसानों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।



