इंदौर में शहीद पुलिस जवानों को नमन, एक साल में देश के 154 कर्मियों ने दी सर्वोच्च कुर्बानी
पुलिस स्मृति दिवस पर शोक परेड, मध्यप्रदेश के 9 पुलिसकर्मी भी कर्तव्य निभाते हुए हुए शहीद

कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस जवानों के सम्मान में बुधवार, 21 अक्टूबर को इंदौर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। महेश गार्ड लाइन स्थित 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम और शोक परेड आयोजित हुई। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।
देशभर के 154 शहीद पुलिसकर्मियों को किया याद
कार्यक्रम में बताया गया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान 154 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शहीद हुए। इनमें मध्यप्रदेश के नौ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। शहीद जवानों के नामों का वाचन 15वीं/प्रथम वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, इंदौर के सेनानी अभिषेक आनंद ने किया।
पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, उप पुलिस महानिरीक्षक अमित सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर, पुलिस उप महानिरीक्षक ग्रामीण इंदौर समेत वरिष्ठ और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रथम वाहिनी, 15वीं वाहिनी, जिला बल, आरएपीटीसी और होमगार्ड इंदौर के प्लाटून ने शहीदों को सलामी दी।
1959 की घटना से जुड़ा है पुलिस स्मृति दिवस
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारतीय सीमा की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। उस समय गश्त पर तैनात भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक करम सिंह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उनके सहयोगियों पर हुए हमले में 11 जवान शहीद हुए थे, जबकि अन्य जवानों को बंदी बना लिया गया था। तभी से हर साल 21 अक्टूबर को शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
शोक परेड में जवानों ने दी सलामी
पुलिस स्मृति दिवस परेड की कमान सहायक सेनानी राजेश गोखले और निरीक्षक (विसबल) सतेन्द्र शर्मा ने संभाली। कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया।



