इंदौर मेट्रो की दूसरी सुरंग का रास्ता खोलेगी ‘सरस्वती’, 8 नवंबर से शुरू होगी खुदाई
एयरपोर्ट से नगर निगम तक बनेंगी दो भूमिगत सुरंगें, डेढ़ साल में इमरजेंसी कनेक्टिविटी की भी तैयारी

इंदौर में भूमिगत मेट्रो के निर्माण कार्य को गति देने की तैयारी है। एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच पहली सुरंग बना रही टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘नर्मदा’ के बाद अब दूसरी मशीन ‘सरस्वती’ 8 नवंबर से दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू करेगी। दोनों मशीनें एयरपोर्ट से नगर निगम मुख्यालय के पास प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो स्टेशन तक लगभग 2400 मीटर लंबे हिस्से में दो समानांतर सुरंगों का निर्माण करेंगी। इससे भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर का अगला चरण आगे बढ़ेगा।
90 मीटर तक पहुंची ‘नर्मदा’
एयरपोर्ट से बड़ा गणपति की दिशा में सुरंग बना रही टीबीएम ‘नर्मदा’ अब तक 90 मीटर खुदाई पूरी कर चुकी है। अगले आठ महीनों में इसके बीएसएफ परिसर में बन रहे भूमिगत मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने का लक्ष्य है। दूसरी ओर, ‘सरस्वती’ एयरपोर्ट स्टेशन से दूसरी सुरंग बनाने का काम शुरू करेगी। दोनों सुरंगों का निर्माण पूरा होने के बाद इनके बीच आपातकालीन आवागमन के लिए कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ साल लगने की संभावना है।
शुरुआती चरण में तीन रिंग प्रतिदिन
फिलहाल ‘नर्मदा’ की इनीशियल ड्राइव चल रही है। इस चरण में मशीन प्रतिदिन तीन रिंग तैयार कर रही है। प्रत्येक रिंग की लंबाई 1.4 मीटर है। मुख्य ड्राइव शुरू होने पर खुदाई की रफ्तार बढ़ेगी और प्रतिदिन पांच से छह मीटर तक सुरंग बनाने का लक्ष्य रहेगा।
रीगल की ओर भी बढ़ेगा काम
भूमिगत मेट्रो का अगला हिस्सा नगर निगम मुख्यालय के पास बन रहे स्टेशन से रीगल की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके लिए तीसरी और चौथी टीबीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। तीसरी मशीन दिसंबर तक इंदौर पहुंचने की संभावना है। हालांकि, निगम मुख्यालय के पास मशीन उतारने के लिए आवश्यक शाफ्ट का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है।
रीगल स्टेशन पर 54 पाइलिंग पूरी
रीगल भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण की तैयारियां भी जारी हैं। रानी सराय परिसर में स्टेशन के लिए 550 पाइलिंग की जानी है, लेकिन अब तक 54 पाइलिंग ही पूरी हो सकी हैं। स्टेशन निर्माण के लिए परिसर में 100 से अधिक पेड़ों की कटाई भी की जा चुकी है। ऐसे में सुरंग निर्माण के साथ स्टेशन संबंधी कार्यों की गति भी परियोजना के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।



