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इंदौर को 28 अक्टूबर को मिलेगी सौगात, लव-कुश फ्लाईओवर के दूसरे हिस्से का लोकार्पण करेंगे CM मोहन यादव

उज्जैन रोड से सुपर कॉरिडोर तक सफर होगा आसान, सिंहस्थ-2028 के लिहाज से भी अहम परियोजना

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
लव-कुश डबल डेकर फ्लाईओवर के निरीक्षण के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट  विधायक रमेश मेंदोला व अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
लव-कुश डबल डेकर फ्लाईओवर के निरीक्षण के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट विधायक रमेश मेंदोला व अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
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इंदौर में यातायात को सुगम बनाने वाली लव-कुश डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना का अगला चरण 28 अक्टूबर को शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दिन फ्लाईओवर के लेवल-2 की दोनों भुजाओं का लोकार्पण करेंगे। इससे उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर, बाणगंगा और एमआर-10 की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लव-कुश चौराहे का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक रमेश मेंदोला, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश

निरीक्षण के दौरान मंत्रियों ने अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर विशाल डोम, मंच, बैठक व्यवस्था, बिजली, माइक-साउंड, एलईडी स्क्रीन, लोकार्पण शिलालेख और बैकड्रॉप की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा बसों, पेयजल, भोजन, पार्किंग, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन के साथ प्रचार-प्रसार तथा कंट्रोल रूम की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

175 करोड़ रुपये से तैयार हुई त्रिस्तरीय संरचना

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 जुलाई 2026 को इस फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया था। इसके बाद अरबिंदो अस्पताल से बाणगंगा की ओर यातायात शुरू हो गया था। अब दूसरी भुजा के लोकार्पण से इस मार्ग पर आवागमन और सुगम होने की उम्मीद है।

करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से बने इस फ्लाईओवर की खासियत इसकी त्रिस्तरीय संरचना है। सबसे निचले स्तर पर सामान्य सड़क यातायात, बीच में इंदौर मेट्रो कॉरिडोर और सबसे ऊपर फ्लाईओवर बनाया गया है।

सिंहस्थ-2028 के लिए भी अहम

इंदौर-उज्जैन मार्ग पर स्थित यह परियोजना सिंहस्थ-2028 के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मंत्री सिलावट के मुताबिक, इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने और यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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