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इंदौर में हेड कांस्टेबल फिरोज की संपत्तियों की जांच तेज, ड्राइवर की पत्नी के नाम ढाई करोड़ की जमीन का खुलासा

लोकायुक्त खंगाल रही रजिस्ट्री और भुगतान का रिकॉर्ड, दूसरे नामों पर संपत्ति खरीदने की आशंका

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
हेड कांस्टेबल फिरोज खान से जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है लोकायुक्त टीम।
हेड कांस्टेबल फिरोज खान से जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है लोकायुक्त टीम।
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पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कांस्टेबल फिरोज खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लोकायुक्त की छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच में अब उसके ड्राइवर की पत्नी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रानू कुशवाहा के नाम पर करीब ढाई करोड़ रुपये कीमत की कृषि भूमि होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त की टीम अब इस जमीन के दस्तावेजों के साथ अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड भी जुटा रही है।

जांच अधिकारियों को आशंका है कि फिरोज ने कुछ संपत्तियां अपने नाम पर दर्ज कराने के बजाय अन्य लोगों के नाम पर खरीदी होंगी। इनमें अधीनस्थ कर्मचारी या आर्थिक रूप से कमजोर लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन संपत्तियों में किसका निवेश था और वास्तविक नियंत्रण किसके पास था।

रजिस्ट्री और भुगतान की पड़ताल

लोकायुक्त की टीम पंजीयन विभाग से संबंधित दस्तावेज जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि रानू कुशवाहा और अन्य लोगों के नाम पर कब-कब जमीन की रजिस्ट्री हुई, सौदों में कितनी रकम लगी और भुगतान किसने किया।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस पहलू की भी पड़ताल की जा रही है कि जिन लोगों के नाम पर जमीन खरीदी गई, क्या संपत्तियों की रजिस्ट्री के दस्तावेज फिरोज अपने पास रखता था। आशंका जताई गई है कि इस तरह संपत्तियों पर नियंत्रण बनाए रखा जाता था। जमीन की बिक्री या अन्य लेनदेन के बदले संबंधित लोगों को कमीशन दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि होना बाकी है।

कंस्ट्रक्शन कंपनी और दूसरी जमीनें भी जांच के दायरे में

फिरोज खान के ठिकानों पर हाल ही में हुई लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों में निवेश तथा उसकी कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़ी जानकारियां भी जांच के दायरे में आई हैं। कुछ अन्य जमीनों और संपत्तियों के बारे में भी सूचनाएं मिली हैं।

टीम इन जानकारियों का सत्यापन कर रही है और संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। जांच में रजिस्ट्री, भुगतान और निवेश से जुड़े तथ्यों का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि दूसरों के नाम पर कितनी संपत्तियां खरीदी गईं और उनमें फिरोज खान की वास्तविक भूमिका क्या थी।

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