त्योहारों से पहले इंदौर में मिलावटखोरों पर शिकंजा, पटाखा दुकानों की भी होगी सघन जांच
कलेक्टर शिवम वर्मा ने दिए कार्रवाई के निर्देश, लापरवाही पर कटेगा वेतन

इंदौर में दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। वहीं, पटाखा दुकानों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिलने तथा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सोमवार को समय-सीमा पत्रों के निराकरण की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन के मामलों में लापरवाही पर वेतन कटौती
बैठक में सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों और जनसमस्याओं की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए और शिकायतकर्ताओं को संतुष्टिपूर्ण समाधान मिले।
चार प्रकरणों की समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर का पांच दिन, परदेशीपुरा अस्पताल के पीएचएम का सात दिन, शासकीय नवीन महाविद्यालय के प्राचार्य का तीन दिन और नगर निगम जोन-10 के वार्ड क्रमांक 39 के उपयंत्री का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
पटाखा दुकानों और गोदामों का होगा निरीक्षण
दीपावली को देखते हुए पटाखा दुकानों और गोदामों का नियमित एवं सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। पटाखा दुकान या गोदाम का संचालन लाइसेंस प्राप्त व्यक्ति ही करे। लाइसेंसधारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संचालन किए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही संवेदनशील और सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच करने तथा जरूरी इंतजाम नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के अभियान को प्रभावी बनाने के साथ नापतौल विभाग को भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
जल और पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता के निर्देश
बैठक के प्रारंभ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक सुभाष चंद्र ने अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने जल और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने तथा नागरिकों को जागरूक करने की जरूरत बताई। साथ ही महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अधिक से अधिक कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।
बैठक में कलेक्टर ने शासकीय मंदिरों की वर्तमान स्थिति, उनके संधारण और संचालन की भी समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर नवजीवन पवार, रिंकेश वैश्य, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, वनमंडलाधिकारी सुधाकर सिंह, नगर निगम के अपर आयुक्त आकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



