इंदौर में शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई, दो कंटेनरों से 3000 पेटी जब्त
देवास कांड के बाद कार्रवाई तेज, ड्राइवरों के फरार होने से सप्लाई नेटवर्क पर जांच केंद्रित

देवास में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले के बाद मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी बीच मंगलवार रात इंदौर के देवगुराड़िया इलाके में आबकारी विभाग और डीजीजीआई (DGGI) की संयुक्त टीम ने दो कंटेनरों से करीब 3000 पेटी शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान दोनों कंटेनरों के चालक मौके से फरार हो गए। अब अधिकारी शराब के स्रोत, परिवहन और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रहे हैं।
करोड़ों रुपये की बताई जा रही खेप
देवगुराड़िया में की गई इस कार्रवाई में शराब की बड़ी मात्रा मिलने के बाद संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। जब्त शराब की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। हालांकि, शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की जांच के बाद ही आपूर्ति से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
कलेक्टर के निर्देश पर चल रही निगरानी
इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार पर नजर रख रहा है। इसी दौरान देवगुराड़िया क्षेत्र में दो कंटेनरों में शराब की खेप मिलने पर संयुक्त कार्रवाई की गई। डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल के मुताबिक, कंटेनरों से मिली शराब की जांच की जा रही है। साथ ही उसके परिवहन और सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
देवास मामले के बाद प्रशासनिक कार्रवाई
देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में कथित जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद अवैध शराब की बिक्री से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए गए। देवास के कलेक्टर ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को हटाया गया, जबकि जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया को निलंबित किया गया।
प्रदेश में जहरीली शराब की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
बीते दो महीनों में सागर और देवास में जहरीली शराब से मौतों की घटनाएं सामने आने के बाद अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण को लेकर कार्रवाई तेज हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सागर में 37 और देवास में 13 लोगों की मौत हुई थी। इंदौर में जब्त की गई शराब के मामले में अब जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी खेप कहां से आई और इसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी किसकी थी।



