दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाती है पुलिस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
इंदौर में साहसिक कार्य करने वाले 30 से अधिक पुलिसकर्मियों का सम्मान, आरक्षक को मंच से नीचे उतरकर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों के प्राण बचाते हैं। जवान से लेकर अधिकारी तक पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और समर्पण के साथ कर्तव्य निभाते हैं। सेवा, सुरक्षा और परिश्रम के प्रति पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता समाज के लिए प्रेरणादायी है। साहसिक कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान करना गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इंदौर के होटल पार्क में आयोजित ‘खाकी के जज्बे को पत्रिका का सलाम’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सेवाकाल में साहसिक कार्य करने वाले 30 से अधिक पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने कार्यों से समाज को लगातार प्रेरित करते रहें।
पुलिस भर्ती और पदोन्नति पर भी बोले मुख्यमंत्री
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की भर्तियां की हैं और आगे भी नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्षों से रुकी पदोन्नति की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए संयोगितागंज थाने के आरक्षक लाल साहब को मंच से नीचे उतरकर सम्मानित किया। पैरों में तकलीफ के कारण आरक्षक मंच पर चढ़ने में असमर्थ थे। मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास पहुंचे और उन्हें सम्मान प्रदान किया।
ईमानदारी के साथ साहस बने प्रेरणा
कार्यक्रम में शिक्षाविद डॉ. स्वप्निल कोठारी ने कहा कि जब साहस के साथ ईमानदारी जुड़ती है, तो उससे बनी कहानी दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाती है। पत्रिका की विकास यात्रा के बारे में संपादक अनिल कर्मा ने जानकारी दी।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला और गोलू शुक्ला, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, आईजी अनुराग, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, गौरव रणदिवे और सुमित मिश्रा सहित पुलिसकर्मी, उनके परिजन तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



