IDA के बकायादार लीजधारकों को नोटिस की तैयारी, संपत्तियों की बिक्री के लिए लगेगा प्रॉपर्टी मेला
लीजरेंट और कम्पाउंडिंग फीस वसूली पर संभागायुक्त सख्त, लीज शर्तों के उल्लंघन पर निरस्तीकरण की कार्रवाई के संकेत

इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) अपनी संपत्तियों से जुड़े बकाया राजस्व की वसूली और खाली संपत्तियों के विक्रय की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में है। संभागायुक्त एवं प्राधिकरण अध्यक्ष भास्कर लाक्षाकार ने बुधवार को IDA कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बकाया लीजरेंट और कम्पाउंडिंग फीस जमा नहीं करने वाले लीजधारकों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में संपत्तियों के व्ययन और न्यायालयों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
बकाया राशि जमा कराने के लिए नोटिस
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में जिन लीजधारकों पर लीजरेंट और कम्पाउंडिंग फीस बकाया है, उन्हें तत्काल नोटिस देकर राशि जमा कराने के लिए सूचित किया जाए। लीज की शर्तों का उल्लंघन करने वाले मामलों में नियमानुसार लीज निरस्तीकरण की संभावित कार्रवाई के संबंध में भी संबंधितों को सूचना पत्र जारी करने को कहा गया। इसका उद्देश्य निर्धारित समय-सीमा में बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करना है।
खाली संपत्तियों की बिक्री को मिलेगी गति
प्राधिकरण की योजनाओं में व्ययन योग्य खाली संपत्तियों का पूरा ब्योरा तैयार करने और उनके विक्रय की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। संभागायुक्त ने कहा कि उपलब्ध संपत्तियों की बिक्री को गति देने के लिए शीघ्र प्रॉपर्टी मेला आयोजित किया जाए। इससे इच्छुक खरीदारों को संपत्तियों की जानकारी मिल सकेगी और विक्रय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लंबित न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा
बैठक में IDA की विधि शाखा से जुड़े विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। संभागायुक्त ने सभी मामलों का स्पष्ट और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के साथ उनकी अद्यतन स्थिति की नियमित जानकारी संधारित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से संपदा शाखा और विधि शाखा के कामकाज की समीक्षा की गई।
अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कैरकटा सहित सभी कार्यपालन यंत्री और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।



