ग्वालियर में बिजली संकट का खतरा टला, रामौआ डैम के पास 220 केवी लाइन की शिफ्टिंग पूरी
पुराने 8 टावर हटाकर लगाए 10 नए टावर, मानसून में जलस्तर बढ़ने से होने वाली परेशानी रोकने की तैयारी

ग्वालियर की बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के पास से गुजरने वाली 220 केवी महलगांव-दतिया ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग पूरी कर ली है। पुरानी लाइन के कंडक्टर मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर पानी के संपर्क में आने की आशंका थी। इसी संभावित जोखिम को देखते हुए लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।
जलस्तर बढ़ने पर बिजली व्यवधान की आशंका होगी कम
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के नजदीक से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइन की स्थिति को देखते हुए शिफ्टिंग का काम किया गया। बारिश के मौसम में डैम का जलस्तर बढ़ने पर बिजली लाइन के कंडक्टर पानी के संपर्क में आ सकते थे, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती थी।
उन्होंने कहा कि एमपी ट्रांसको की इस पहल से संभावित विद्युत व्यवधान के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। समय रहते पूरा किया गया यह कार्य ग्वालियर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे संबंधित ट्रांसमिशन लाइन की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
8 पुराने टावर हटे, 10 नए टावर लगाए
एमपी ट्रांसको में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि शिफ्टिंग के दौरान पुरानी लाइन के आठ टावर हटाए गए। इनसे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन की लंबाई 2.860 किलोमीटर थी।
पुरानी व्यवस्था के स्थान पर 10 नए टावर स्थापित किए गए और 3.406 किलोमीटर लंबी नई लाइन तैयार की गई। इस बदलाव के जरिए ट्रांसमिशन लाइन का मार्ग बदला गया, ताकि डैम के बैकवॉटर क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ने से पैदा होने वाली संभावित समस्या से बचाव किया जा सके।
इस कार्य से ग्वालियर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने और मानसून के दौरान लाइन से जुड़े जोखिम को कम करने की दिशा में कदम उठाया गया है।



