मध्यप्रदेश में गोपालकों के लिए बड़ा मौका, 1 लाख रुपये तक का पुरस्कार जीतने का अवसर
चार देशी नस्लों की गायों के दूध उत्पादन पर मिलेगा सम्मान

मध्यप्रदेश में देशी नस्ल की दुधारू गायों का पालन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें प्रतिदिन छह लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली निर्धारित नस्लों की गायों के पालक हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगी। इसमें श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गाय के पशुपालकों को एक लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
तीन स्थानों पर मिलेगी पुरस्कार राशि
इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. मनीष इंगोले के अनुसार, इस योजना को संभाग के आठ जिलों के कुल 32 वृंदावन ग्रामों में लागू किया जाना है। इसका उद्देश्य गांवों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ अधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को प्रोत्साहित करना है। योजना के माध्यम से पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रतियोगिता में श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गाय के पालक को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये दिए जाएंगे। दूसरे स्थान पर रहने वाले पशुपालक को 50 हजार रुपये और तीसरा स्थान हासिल करने वाले पशुपालक को 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल से उन्नत देशी नस्लों के पालन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इन नस्लों के पालक कर सकेंगे आवेदन
प्रतियोगिता में केवल वृंदावन ग्रामों के पात्र पशुपालकों की देशी नस्ल की गायों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए गाय का गिर, साहिवाल, थारपारकर या मालवी नस्ल का होना जरूरी है। साथ ही, गाय का प्रतिदिन का दुग्ध उत्पादन छह लीटर या इससे अधिक होना चाहिए।
इच्छुक पशुपालक आवेदन फार्म अपने विकासखंड मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय से प्राप्त कर सकते हैं। प्रतियोगिता की अवधि 27 से 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। योजना का प्रमुख उद्देश्य अधिक दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को आर्थिक प्रोत्साहन देना और देशी नस्ल की दुधारू गायों के पालन को बढ़ावा देना है।



